इमरान खान का विवादों से है पुराना नाता, इन वजहों से बटोरी सुर्खियां

क्रिकेट के पिच पर अपनी तेज और स्विंग बॉलिंग से विरोधियों को बोल्ड करने वाले इमरान खान ने सियासी पिच पर भी विरोधियों को चित कर दिया है। मतगणना के बाद ये साफ हो गया है कि फिलहाल इमरान खान ही पाकिस्तान के अगले वजीर-ए-आजम होंगे। पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए – इंसाफ पार्टी सबसे पार्टी के रूप में सामने आई है।

अफेयर्स के किस्से
क्रिकेट करियर के बाद राजनीति के दंगल में कूदने वाले इमरान खान का सफर जितना कांटो भरा रहा है उतना ही नाता उनका विवादों से रहा है। राजनीति में आने से पहले और सियासत में आने के बाद तरहीक-ए-इंसाफ के चीफ इमरान खान अपने किस्सों को लेकर हमेशा चर्चा में रहे, और सबसे ज्यादा चर्चा उनकी अलग-अलग लड़कियों से अफेयर्स को लेकर रही। कहा जाता है एक वक्त तो उनका अफेयर पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो से भी रहा। हालांकि तब बेनजीर प्रधानमंत्री नहीं थीं। ये उन दिनों की बात है जब वो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही थीं।

अपनी जिंदगी के अब तक के सफर में इमरान खान ने तीन शादियां की। पहली शादी जेमाइमा गोल्डस्मिथ से की जबकि रेहम खान इमरान की दूसरी पत्नी थीं। फिलहाल वो अपनी तीसरी पत्नी बुशरा के साथ रह रहे हैं। इमरान खान अपनी दूसरी शादी को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। उनकी दूसरी बेगम रेहम खान ने उन पर कई संगीन आरोप लगाए। अपनी किताब में रेहम ने लिखा है कि इमरान के 5 नाजायज बच्चे हैं, किताब में रेहम ने इमरान पर पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं से शारीरिक संबंध बनाने का भी आरोप लगाया है।

ड्रग्स लेने का आरोप
तहरीक-ए-इंसाफ के चीफ इमरान खान सिर्फ लड़कियों को लेकर ही चर्चित नहीं रहे, बल्कि कई और गलत वजहों से भी उन्होंने काफी सुर्खियां बटोरी। साल 1987 में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ी कासिम उमर ने इमरान पर ड्रग्स लेना का आरोप लगाया था। कासिम ने तो यहां तक कहा था कि इमरान खुद ड्रग्स उपलब्ध भी कराते रहे हैं। हालांकि इस आरोप के बाद मामूली सी जांच-पड़ताल के बाद केस को बंद कर दिया गया था।

सेना के फेवरेट हैं इमरान !
राजनीति में आने से पहले इमरान जितना चर्चा में रहे सियासत में कदम रखने के बाद भी विवादों से इमरान खान का नाता नहीं टूटा। इमरान खान पर चुनाव जीतने के लिए कट्टरपंथियों से सांठगांठ के आरोप भी लगे। कट्टरपंथियों से समर्थन के चलते वो पाक आर्मी के चहेते हैं। खबरों के मुताबिक पाकिस्तान की सेना नहीं चाहती कि वहां कोई स्थिर नागरिक सरकार सत्ता में आए, क्योंकि इससे प्रशासन पर उसका प्रभाव कम हो जाएगा। इमरान खान आतंकी ग्रुपों के साथ बातचीत का रास्ता अपनाने की सोच रखते हैं। इसी वजह से कई बार विपक्षी उनका तालिबानी खान कहकर भी विरोध करते रहे हैं। कहा जाता है कि पाकिस्तानी सेना ने इसलिए भी इमरान खान पर दांव खेला क्योंकि नवाज शरीफ की पार्टी PML-N और पाकिस्तान पिपल्स पार्टी दोनों ही भारत के साथ रिश्ते सुधारने पर जोर दे चुके हैं और आर्मी भारत से रिश्ते सुधारना नहीं चाहती।

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