JNU हिंसा: पुलिस के आरोप पर क्या बोलीं छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा के 5 दिन बाद पुलिस ने शुक्रवार को नौ संदिग्धों की तस्वीर जारी की है। इसमें 2 ABVP और 7 लेफ्ट के छात्र हैं। इसमें जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आईशी घोष का भी नाम शामिल है।

चिह्नित छात्रों को अभी हिरासत में नहीं लिया गया है। पुलिस ने सभी को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। पुलिस के मुताबिक पूरा विवाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को लेकर था। जिसका लेफ्ट से जुड़े छात्र विरोध कर रहे थे। पुलिस ने जिन नौ संदिग्धों की तस्वीर जारी की है उसमें पंकज मिश्रा, आईशी घोष, भास्कर विजय, सुचेता तालुकदार, चुनचुन, कुमार, डोलन सामंता, प्रिया रंजन, योगेंद्र भारद्वाज और विकास पटेल के नाम शामिल हैं। योगेंद्र भारद्वाज यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन हैं।

आइशी घोष ने क्या कहा?

खुद पर लगे आरोप को जेएनयू छात्रसंघ आइशी घोष ने खारिज किया है। उन्होंने कहा कि हमने कुछ गलत नहीं किया। हमें पूरा भरोसा है कि निष्पक्ष जांच होगी। हम दिल्ली पुलिस ने नहीं डरते हैं। हम लोग कानून का पालन करेंगे और अपने आंदोलन को शांतिपूर्वक और लोकतांत्रिक तरीके से आगे ले जाएंगे। आइशी घोष ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस मेरी शिकायत एफआईआर के रूप में दर्ज नहीं की गई है। मैंने कोई मारपीट नहीं की है।

इससे पहले शुक्रवार को ही आइशी घोष समेत कुछ छात्रों ने MHRD के सचिव अमित खरे से मुलाकात की। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए आइशी ने कहा कि उन्होंने आश्वासन दिया है कि वो मामले में सकारात्मक हस्तक्षेप करेंगे और जल्द ही इस मुद्दे पर एक सर्कुलर जारी करेंगे। हमने मांग की कि जेएनयू के वीसी को तुरंत उनके पद से हटा दिया जाना चाहिए क्योंकि वो यूनिवर्सिटी नहीं चला पा रहे हैं। हमें ऐसे वीसी की जरूरत है जो नए सिरे से मदद कर सकें और कैंपस में सामान्य स्थिति लाने में मदद कर सकें।

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