‘मूडी’ ट्रंप से ट्विटर पर टक्कर लेना इमरान खान को कितना भारी पड़ेगा ?

डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को लाखों डॉलर की सैन्य सहायता रोकने के अपने प्रशासन के फैसले का समर्थन करते हुए ट्वीट किया। जवाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भी ट्वीट किया। दोनों की ट्विटर पर जंग जारी है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच ट्विटर पर जंग जारी है। दोनों एक दूसरे के ट्वीट के जवाब में ट्वीट कर रहे हैं। इसकी शुरुआत सबसे पहले ट्रंप ने की। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को लाखों डॉलर की सैन्य सहायता रोकने के अपने प्रशासन के फैसले का समर्थन करते हुए ट्वीट किया। ट्रंप ने ”पाकिस्तान अमेरिका के लिए कोई काम नहीं करता। पाकिस्तान ने आतंकवाद पर अंकुश पाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।”

ट्रंप के इस ट्वीट के जवाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने तीन ट्वीट किया। इमरान खान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीटर पर लिखा ”अफगानिस्तान में अपनी विफलताओं के लिए पाकिस्तान को ‘बलि का बकरा’ बनाने के बजाय अमेरिका को यह पता करना चाहिए कि तालिबान पहले से भी ज्यादा मजबूत होकर क्यों उभरा है?” इमरान के इस ट्वीट के जवाब में ट्रंप ने फिर ट्वीट किया ”बिल्कुल, हमने ओसामा बिन लादेन का पकड़ा था। मैंने 9/11 वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले से पहले इसका जिक्र अपनी किताब में किया था। तत्कालीन राष्ट्रपति क्लिंटन इससे चूक गए थे। हमने पाकिस्तान को अरबों डॉलर की मदद की लेकिन उसने कभी ये नहीं बताया कि ओसामा वहीं रह रहा है।”

अपने अगले ट्वीट में ट्रंप ने लिखा, ”हमने पाकिस्तान को इसलिए वित्तीय सहायता देना बंद कर दिया क्योंकि वो हमरा पैसा ले रहे थे लेकिन हमारे लिए कुछ नहीं कर रहे थे। बिल लादेन और अफगानिस्तान इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। वे ऐसे देशों से हैं जिन्होंने अमेरिका से लिया बहुत कुछ लेकिन दिया कुछ नहीं।”

ट्रंप के इस ट्वीट के जवाब में इमरान ने फिर ट्वीट किया ”ट्रंप के झूठे दावे पाकिस्तान को अपमानित करते हैं। पाकिस्तान को अस्थिरता और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्हें ऐतिहासिक तथ्यों को जानने की जरूरत है। पाकिस्तान को अमेरिका के युद्ध से काफी नुकसान उठाना पड़ा है। अब हम अपने लोगों और उनकी भलाई के लिए सबसे अच्छा काम करेंगे।”

इससे पहले इमरान खान ने अपने ट्वीट में लिखा था, ”पाकिस्तान के खिलाफ ट्रंप के बयान पर रिकार्ड को सीधा-सीधा सामने रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई में भाग लेने का फैसला किया जबकि 9/11 के हमले में कोई भी पाकिस्तानी शामिल नहीं था। जबकि सच ये है कि इस लड़ाई में पाकिस्तान ने अपने 75,000 लोग गंवाएं और 123 अरब डॉलर से अधिक की बर्बादी हुई।”

आपको बता दें कि अमेरिका पिछले 15 सालों में पाकिस्तान को 33 बिलियन डॉलर से ज्यादा की मदद दे चुका है। इसी साल सितंबर में ही अमेरिका ने पाकिस्तान को 300 मिलियन डॉलर की मदद दी थी। अमेरिकी मदद से पाकिस्तान को बड़ी राहत मिलती थी। जानकारों का मानना है कि अमेरिका के आर्थिक मदद रोकने से पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। पहले से ही कंगाली झेल रहा पाकिस्तान और कर्ज लेने पर मजबूर हो जाएगा। जो उसकी आवाम के लिए आने वाले दिनों में घातक हो सकता है।

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