झारखंड में अबकी बार हेमंत सोरेन सरकार, कांग्रेस का जबरदस्त प्रदर्शन

दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के हाथ से एक और प्रदेश चला गया है। झारखंड में कांग्रेस-जेएमएम-आरजेडी ने प्रचंड जीत दर्ज की है।

विधानसभा चुनाव में गठबंधन को रुझानों में 47 सीटें मिलती नजर आ रही। जबकि बीजेपी 25 पर सिमट गई है। खुद सीएम और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अपनी सीट नहीं बचा पाए। सीएम रघुवर दास जमशेदपुर पूर्व सीट और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ चक्रधरपुर सीट से चुनाव हार गए हैं। इस जीत के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हेमंत सोरेन का मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है। जनता का आशीर्वाद मिलने पर हेमंत सोरेन ने कहा कि आज जनता ने सेवा का मौका दिया है। जनता का आभार व्यक्त करते हैं।

झारखंड के चुनाव सबसे जबरदस्त प्रदर्शन कांग्रेस ने किया। कांग्रेस इस बार 31 सीटों पर चुनाव लड़ी और रुझानों के हिसाब से 15 सीटों पर जीत दर्ज करती नजर आ रही है। पिछली बार कांग्रेस ने सिर्फ 6 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

कौन हैं हेमंत सोरेन?

हेमंस सोरेन दूसरी बार प्रदेश की कमान संभालने जा रहे हैं। हेमंत सोरेन 2013 में भी सीएम बने थे। तब उन्होंने कांग्रेस और आरजेडी के समर्थन से राज्य के पांचवें सीएम बने थे, लेकिन 2014 के चुनाव में हार के बाद सत्ता से बाहर हो गए थे। हेमंत सोरेन अर्जुन मुंडा सरकार में उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। झारखंड के अगले भावी मुख्यमंत्री को राजनीति विरासत में मिली है। हेमंत सोरेन झारखंड के कद्दावर नेता और राज्य में गुरू जी के नाम से लोकप्रिय शिबू सोरेन के बेटे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2009 में की थी। पिछले चुनाव में हार के बाद हेमंत सोरेन विधानसभा में विपक्ष के नेता बने और पूरी ताकत के साथ इस अहम भूमिका कोनिभाया भी। वैसे तो हेमंत सोरेन कई सालों से राजनीति में सक्रिय थे, लेकिन उन्हें बड़ी जिम्मेदारी तब उठानी पड़ी जब साल 2009 में उनके बड़े भाई दुर्गा सोरेन की मौत हो गई। दुर्गा सोरेन को ही पिता का उत्तराधिकारी माना जा रहा था। भाई की मौत के बाद हेमंत सोरेन ने पार्टी की बागडोर को संभाला।

हेमंत सोरेन निजी जीवन

हेमंत सोरेन का जन्म 10 अगस्त, 1975 को हुआ था। तब झारखंड बिहार से अलग नहीं हुआ था। सोरेन की शुरुआती पढ़ाई राजधानी पटना से हुई। यहां से उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए रांची के बीआईटी मेसरा में दाखिला लिया था। हालांकि वो अपनी डिग्री पूरी नहीं कर पाए। फिर उसके बाद परिस्थितियां ऐसी बनीं की उन्हें राजनीति में आना पड़ा और पिता की राजनीतिक विरासत को संभालना पड़ा। परिवार की बात करें तो हेमंत सोरेन दो बच्चे हैं और उनकी पत्नी का नाम कल्पना सोरेन है।

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