लंदन से पीएम, बीजेपी और आरएसएस पर गरजे राहुल गांधी, कहा, देश को तबाह कर रही है इनकी सोच, देखिए वीडियो

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लंदन में भारतीय पत्रकार संघ के साथ बात की। इस दौरान उन्होंने देश के हर मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने लंदन से पीएम मोदी उनकी पार्टी बीजेपी और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष ने रोजगार से लेकर नोटबंदी और शिक्षा, चिकित्सा समेत देश से जुड़ी सभी परेशानी पर अपनी राय दी। राहुल गांधी द्वारा भारतीय पत्रकार संघ के साथ बातचीत नीचे दिए गए वीडियो लिंक पर क्लिक कर देख सकते हैें। इसके अलावा उनकी बातचीत की मुख्य बातें नीचे पढ़ भी सकते हैं।

काग्रेस अध्यक्ष द्वारा लंदन में भारतीय पत्रकार संघ से बीतचीत की मुख्य बातें:

  • लोग श्री ट्रम्प और श्री मोदी जैसे लोकप्रिय नेताओं का इस लिए समर्थन करते हैं क्योंकि उनके पास रोज़गार नहीं है और वे गुस्से में हैं।
  • रोजगार की समस्या हल करने की बजाय मोदी और ट्रम्प जैसे नेता लोगों के गुस्से का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने ऐसा करके देश को नुकसान पहुंचाया है।
  • नौकरी का संकट और कृषि की दुर्दशा इन दो समस्याओं को भारत को स्वीकार करना होगा।
  • देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर व्यवस्थित हमला हो रहा है, जो सीधे नागपुर के इशारे पर हो रहा है।
  • मुस्लिम ब्रदरहुड और आरएसएस के बीच काफी समानता है। वे सत्ता पर कब्जा करने के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सहारा लेते हैं।
  • फिलहाल मैं प्रधानमंत्री बनने के बारे में नहीं सोच रहा हूं। मैं खुद को एक वैचारिक लड़ाई लड़ने वाले के रूप में देखता हूं। यह परिवर्तन मेरे अंदर 2014 के बाद आया है।
  • नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और पीएम मोदी के बीच एक रिश्ता है। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
  • मोदी जी मनरेगा को लोगों के लिए प्रचार वाले पर्चे की तरह देखते हैं। ऐसा नहीं है। यह एक आर्थिक रणनीति है जो न्यूनतम मजदूरी प्रदान करती है, लेकिन उनको ये समझ में नहीं आता है।
  • जब राजीव गांधी ने भारत में कंप्यूटर की शुरुआत की तो इन लोगों ने उनका भी मजाक उड़ाया था।
  • लोगों ने कहा था कि उनको ये समझ नहीं आता कि कंप्यूटर का भारत से कोई लेना-देना नहीं है। वही लोग अब भाषण देते हैं कि कंप्यूटर कितनी शानदार चीज है।
  • जब मैं कहता हूं कि चिकित्सा का भविष्य चिकित्सा प्रक्रियाओं के आपस में जुड़ने में है, प्रेस मुझ पर हंसता है, वे गलत हैं।
  • अगर हमें जापान की तरफ से बुलेट ट्रेन के लिए पैसों की पेशकश की गई होती, तो हमारा जवाब होता कि “हमें पैसे दें और साथ ही भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में हमारी मदद भी करें।
  • बुलेट ट्रेन चल नहीं रही है। आपके पास बुलेट ट्रेन का फैंसी पोस्टर हो सकता है, लेकिन बुलेट ट्रेन के टिकट की लागत हवाई जहाज के टिकट से अधिक है।
  • विपक्षी दलों के सभी नेताओं की आम राय है कि आरएसएस व्यवस्थित रूप से देश की संस्थाओं पर हमला कर रहा है और उसमें अपने लोगों को भर रहा है, और हमें हर हाल में इनकी रक्षा करनी है।
  • चीन की तरफ से हमारे सामने गंभीर चुनौतियां आ रही हैं। हमें उस पर ध्यान देना होगा।
  • 12.5 लाख करोड़ के एनपीए में से एमएसएमई का कितना है? ये चंद अमीर कारोबारियों का है।
  • नोटबंदी के फैसले पर भारतीय संस्थानों का पूरी तरह से अपमान किया गया, जब पूरी कैबिनेट को एक कमरे में बंद करके एक व्यक्ति ने फैसला लिया।
  • पाकिस्तान के साथ समस्या गहरी है। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि पाकिस्तान में प्रधानमन्त्री को देश के सभी संस्थानों का समर्थन हासिल है।

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