दलितों और सहयोगियों के आगे झुकी मोदी सरकार, एससी-एसटी अधिनियम में संशोधन को दी मंजूरी

एससी-एसटी अधिनियम में संशोधन की मांग पर दलितों और एनडीए के सहयोगियों के सामने आखिरकार केंद्र की मोदी सरकार को झुकना ही पड़ा। केंद्रीय कैबिनेट ने एससी-एसटी अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है। सरकार मौजूदा सत्र में ही इस बिल को पेश करेगी। एससी-एसटी अधिनियम में संशोधन करने के लिए मोदी सरकार पर चौतरफा दबाव था।

दलित आंदोलन के बाद एनडीए की सहयोगी दल रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडाया के अध्यक्ष रामदास अठावले ने मोदी सरकार को एससी-एसटी अधिनियम में संशोधन करने के लिए दबाव बनाया था। एलजेपी ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि अगर सरकार 9 अगस्त तक एससी-एसटी अधिनियम में संशोधन कर संसद से बिल को पेश नहीं करती है तो वह कोई बड़ा फैसला लेगी। वहीं कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे को मजबूती से उठाया था। इस संबंध में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलकर एक ज्ञापन भी सौंपा था और दलितों के हक को लेकर चिंता जाहिर की थी।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस साल की शुरुआत में एससी-एसटी एक्ट के कुछ महत्वपूर्ण प्रावधानों के दुरुपयोग का हवाला देते हुए उन्हें निरस्त कर दिया था। इस फैसले के बाद इसके विरोध में देश भर में दलित संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान कई लोगों की जान भी चली गई थी।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: