अपने फैसले से पलटी मोदी सरकार, सोशल मीडिया हब बनाने का प्रस्ताव लिया वापस

केंद्र की मोदी सरकार ने ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी के लिए सोशल मीडिया हब बनाने का फैसला वापस ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार का पक्ष रखते हुए अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट को इस बात की जानकारी दी।

इससे पहले 13 जुलाई इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कई सवाल उठाए थे, और केंद्र से दो हफ्ते के अंदर जवाब मांगा था। कोर्ट में इसी के जवाब में आज अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा समेत तीन जजों की बेंच को केंद्र सरकार द्वारा सोशल मीडिया हब बनाने के लिए जारी नोटिफिकेशन को रद्द करने की जानकारी दी।

मोदी सरकार द्वारा सोशल मीडिया हब बनाने के फैसले पर टीएमसी की विधायक महुआ मोइत्रा का कहना था कि सरकार के इस कदम से ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और ईमेल में मौजूद हर डेटा तक केंद्र की पहुंच हो जाएगी। निजता के अधिकार का यह सरासर उल्लंघन है।

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