कश्मीर में भारत को लेकर बढ़ती तल्खी के बीच एनसी विधायक ने दी तिरंगे का नामोनिशान मिटाने की धमकी

मोदी सरकार के चार साल के कार्यकाल में लाख कोशिशों के बावजूद कश्मीर के हालात नहीं सुधरे। पीडीपी-बीजेपी गठबंधन टूटने के बाद तल्खियां और बढ़ गई हैं। सरकार यह दावा कर रही है कि ताकत के बाल पर वह कश्मीर को काबू में कर लेगी, लेकिन हकीकत क्या है यह किसी से छिपा नहीं है। सत्ता छिन जाने के बाद जहां महबूबा मुफ्ती, मोदी सरकार पर आग उगल रही हैं। वहीं नेशनल कांफ्रेंस ने भी केंद्र पर हमला तेज कर दिया है। एनसी के विधायक जावेद अहमद राणा ने खुले तौर पर यह धमकी दी है कि अगर मोदी सरकार ने राज्य से जुड़ी धारा 35ए और 370 से छेड़छाड़ की तो अंजाम बुरा होगा।

मंगलवार को एनसी के विधायक जावेद अहमद राणा ने मेंढर में एक जनसभा के दौरान मोदी सरकार को धमकी भरे लहजे में कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर से जुड़ी धारा 35ए और 370 से छेड़छाड़ की गई तो यहां से हिंदुस्तान के झंडे का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर का भारत से रिश्ता धारा 370 की वजह से है, जब यह धारा ही नहीं रहेगी तो झंडे का यहां क्या काम।

जानिए धारा 370 क्या है:   

जम्मू-कश्मीर को धारा 370 के तहत कई अधिकार दिए गए हैं और वो ये हैं।

  • जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती है।
  • यहां का राष्ट्रध्वज अलग होता है।
  • यहां के विधानसभा का कार्यकाल 6 वर्षों का होता है, जबकी देश के अन्य राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल 5 वर्ष का ही होता है।
  • भारत के उच्चतम न्यायलय के आदेश जम्मू-कश्मीर में मान्य नहीं होते हैं।
  • संसद को जम्मू-कश्मीर के सम्बन्ध में बेहद सीमित क्षेत्र में कानून बनाने का अधिकार है।
  • जम्मू कश्मीर की कोई महिला अगर भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से शादी कर ले तो उस महिला की नागरिकता जम्मू-कश्मीर से खत्म हो जाती है।

भारत की सरकार जम्मू-कश्मीर को देश का अभिन्न अंग कहती है। ऐसे में अक्सर यह मांग उठती रही है कि जब ज्म्मू-कश्मीर देश का अभिन्न अंग है तो आखिर राज्य को दिए गए विशेष अधिकार धारा 370 को क्यों नहीं हटा दिया जाता। देश में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाने को लेकर फिलहाल बहस जारी है।

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