ताजमहल में डेली होगी पूजा? शुरूआत हो गई है!

अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद से जुड़ी तीन महिलाओं ने ताजमहल में बनी 400 साल पुरानी मस्जिद में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

ताजमहल परिसर के भीतर ‘पूजा आरती’ और ‘नमाज’ अदा करने को लेकर हिंदू और मुस्लिम समूहों के बीच जारी रस्साकशी आगरा में पर्यटन के लिए चिंता का कारण बन रही है। पर्यटन क्षेत्र के दिग्गजों को डर है कि यह विवाद भारत के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थान आगरा में सांप्रदायिक दंगों को भड़का सकता है।

शनिवार को एक महिला समूह ताज महल के आसपास गंगा जल छिड़कने के बाद उन्हें पूजा और आरती करने से रोकने में विफल रहने पर परिसर के भीतर सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को आलोचना झेलनी पड़ रही है।

परिसर के भीतर मुस्लिम समूह को नमाज अदा करने से रोकने में सुरक्षा एजेंसी के विफल रहने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ताजमहल के भीतर पूजा और आरती करने की धमकी दी है। परिसर में पूजा व नमाज करना सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने पिछले सप्ताह 17वीं सदी के स्मारक ताजमहल के द्वार पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश व अधिसूचना को चस्पा किया था। सुप्रीम कोर्ट के मूल आदेश में स्थानीय मुस्लिमों को केवल शुक्रवार दोपहर बाद नमाज अदा करने की इजाजत दी गई थी, जिस वक्त यह जनता के लिए बंद होता है। लेकिन स्थानीय लोग इस रोक को हटाना चाहते हैं ताकि वह रोजाना नमाज अदा कर सकें। एएसआई अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को आदेश का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटने को कहा गया है।

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