नैनीताल हाईकोर्ट ने हरिद्वार जिले में गैर कानूनी तरीके से किए जा रहे पशुओं के वध और मांस की बिक्री के मामले में दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई की।
यचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को हाईकोर्ट हरिद्वार के डीएम को नोटिस जारी करते हुए तीन हफ्ते में जवाब देने के लिए कहा। जस्टिस शरत कुमार शर्मा की पीठ ने हरिद्वार निवासी प्रमोद कुमार की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद नोटिस जारी किया।
याचिका में राज्य के शहरी विकास विभाग के सचिव शैलेश बगौली, हरिद्वार के जिला अधिकारी सी रविशंकर, रुड़की के उप जिला अधिकारी नमामि बसंल, मंगलौर नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी शाहिद अली और जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को पक्षकार बनाते हुए कहा गया है कि हाईकोर्ट ने 20 सितंबर 2018 को आदेश जारी कर प्रदेश में पशुओं के गैर कानूनी वध पर रोक लगा दी थी।
यही नहीं खुले स्थानों में पशुओं के वध और अवशेष फेंकने पर भी रोक जारी कर दी थी। याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया अदालत के आदेश के बावजूद पशुओं का अवैध ढंग से वध किया जा रहा है। खुले स्थानों में पशुओं के अवशेषों को फेंक दिया जा रहा है। इससे न केवल लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है बल्कि लोगों की भावनायें भी आहत हो रही हैं।
शासन की ओर से भी जिला प्रशासन को इस मामले में हिदायत दी गई, लेकिन इसके बावजूद हरिद्वार जनपद में अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लग रही है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता कार्तिकेय हरिगुप्ता ने बताया कि अदालत ने इस मामले में जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है।
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