उत्तराखंड: कुमाऊं के एकमात्र होटल मैनेजमेंट संस्थान में 15 साल से प्रिंसिपल का पद खाली, शिक्षकों का भी टोटा, जिम्मेदार कौन?

उत्तराखंड में युवाओं की एक ऐसी आबादी है जो होटल पर निर्भर है। बड़ी संख्या में पहाड़ी युवा बतौर पेशेवर होटलों में काम करते हैं।

बावजूद इसके इन युवाओं के अंदर हुनर विकसित करने के लिए पिछले कई सालों से कोई बड़े कदम नहीं उठाए गए। जो संस्थान प्रदेश में हैं उन्हें भी खास तवज्जो नहीं दी जाती। इसका एक जीता जागता सूबत है। अलमोड़ा में संचालित जगत सिंह बिष्ट राजकीय होटल मैनेजमेंट संस्थान है। ये कुमाऊं का एक मात्र होटल मैनेजमेंट करने के लिए संस्थान है, जिसमें पूरे प्रदेश के युवाओं द्वारा होटल और कैटरिंग मनीजमेंट का कोर्स किया जाता है।

पिछले 15 सालों से यहां के प्रधानाचार्य जैसा महत्वपूर्ण पद रिक्त है, जिस पर आज तक कोई नियुक्ति नही हो पाई है। इसके साथ ही इस संस्थान में कोई भी परमानेन्ट अध्यापक नहीं है। अस्थाई अध्यापकों के भरोसे यह चल रहा है।

होटल शिखर के मालिक राजेश बीष्ट कहे हैं कि यहां पर प्रधानाचार्य सहित शिक्षकों की भारी कमी है, जिस कारण छात्रों का पठन-पाठन नहीं हो पा रहा है। इसकी देखरेख भी नहीं हो पा रही है। साथ ही इन्ही कारणों से आज यहां छात्रों की संख्या घटती जा रही है। सवाल ये है कि जिस संस्थान से पहाड़ के युवाओं को इतना फायदा पहुंच रहा है। युवाओं को इससे नौकरियां मिल रही हैं। आखिर उस संस्थान को लेकर इतनी बेरुखी क्यों?

(अल्मोड़ा से हरीश भंडारी की रिपोर्ट)

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: