उत्तराखंड में कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस का भी बढ़ा खतरा, हुई पहली मौत

उत्तराखंड में कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। ऋषिकेश एम्स में ब्लैक फंगस से पहली मौत हुई है।

एम्स में ब्लैक फंगस से मृतक युवक कोविड संक्रमण से पीड़ित था। कुछ दिनों पहले देहरादून से रेफर होने बाद उसे एम्स में भर्ती कराया गया था।

जांच के दौरान युवक में ब्लैक फंगस के संक्रमण की पुष्टि हुई थी। देहरादून निवासी 36 वर्षीय युवक की ब्लैक फंगस से शुक्रवार दोपहर को ही मौत हो गई थी, लेकिन इसकी जानकारी रविवार को सामने आई। 

एम्स ऋषिकेश में ब्लैक फंगस के प्रभावित 17 मरीज मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने इनके लिए 30 बेड का अलग वार्ड बनाया है। इन सभी मरीजों को वहां शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं प्रदेश में अब तक 21 लोगों में इस बीमारी की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, जिन मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है, उनमें से 11 की उम्र 50 वर्ष से अधिक है।

एम्स ऋषिकेश के निदेशक पदमश्री प्रो. रविकांत ने बताया कि बीते कुछ दिनों में एम्स में 17 मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। इनमें सात मरीज ऐसे हैं, जो पहले से ब्लैक फंगस से ग्रसित होने के बाद उपचार के लिए आए थे।

दस मरीजों को कोरोना संक्रमण के कारण यहां भर्ती किया गया था, जिनका शुगर लेवल काफी बढ़ा हुआ था। इनमें ब्लैक फंगस के लक्षण नजर आए तो जांच कराई गई। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात ब्लैक फंगस से एक मरीज की मौत भी हो गई, जबकि 16 मरीजों का उपचार चल रहा है। इनमें दस मरीजों की सर्जरी की जा चुकी है और छह की सर्जरी की जानी है। रविकांत ने बताया कि ब्लैक फंगस के 16 मरीजों में 14 कोविड एक्टिव हैं। इन मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो जाने के बाद चिकित्सक अध्ययन भी कर रहे हैं।

वहीं, ईएनटी विशेषज्ञ व टीम लीडर डॉ. अमित त्यागी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती जिन मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है, उनमें देहरादून से दो, हरिद्वार से तीन, रुड़की से दो, ऋषिकेश, काशीपुर, ऊधम सिंह नगर और अल्मोड़ा से एक-एक मरीज शामिल है। उत्तर प्रदेश के शामली, अलीगढ़, मंडावर, मुरादाबाद और मेरठ के पांच मरीज हैं।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: