उत्तराखंड: बागेश्वर में बारिश का कहर! 2 आंशिक और 4 मकान पूरी तरह से ध्वस्त, कई सड़कें बंद

उत्तराखंड में कोरोना वायरस के कहर के बीच बारिश ने कोहरा मचा रखा है। आसमान से बरस रही आफत ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

बागेश्वर में बारिश के बीच चार मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। वहीं कई घरों पर ध्वस्त होने का खतरा मंडराने लगा है। इसके अलावा जिले में 11 बंद पड़ी हैं। ऐसे में ग्रामीण इलाके में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश की वजह से गैराड़ गांव के रहने वाले गोविंद राम, शीशाखानी के रहने वाली शोभा देवी, जौलकांडे के रहने वाली नीमा देवी और कपकोट तहसील के भैसुड़ी कुटेर गांव के रहने वाले भगत राम के घर क्षतिग्रस्त हो गए। इन परिवारों को पड़ोसियों ने अपने पास शरण दी है।

दुगनाकुरी तहसील के कुरौली गांव के रहने वाले महेश भौर्याल और बागेश्वर तहसील के बिलौना के रहने वाले गोविंद राम का पक्का मकान भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक टीमों प्रभावित जगहों का दौरा किया और नुकसान का आंकलन किया। इसके साथ पीड़ितों को सरकारी सहायता भी उलपब्ध कराई। प्रशासन नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर रहा है। इसके आधार पर पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।

बुधवार को जिले की कई सड़कों पर यातायात बाधित रहा। इनमें थुणाई-मिहिनियां, शामा-लीती-गोगिना, सनगाड़-बास्ती, धपोली-जेठाई, वियजपुर-पैंसिया, हरसीला-पुड़कूनी, कपकोट-कर्मी-तोली, धरमघर-माजखेत, रौल्यांना-लोहागढ़ी, तल्लीसेरा-सिमतोली, भनार-नामतीचेटाबगड़ आदि सड़कें बंद होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं तीन सड़कों को खोलने में विभाग कामयाब रहा। कांडा इलाके के 12 से ज्यादा गांवों की बिजली रात से गुल थी। करीब 14 घंटे बाद इलाके में बिजली आपूर्ति सुचारू हो पाई। कपकोट इलाके के लोगों को भी बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। नगरीय क्षेत्र से लेकर गरुड़ और कपकोट के कई गांवों में अब पेयजल संकट गरा गया है।

कपकोट तहसील में मानसून के दौरान सबसे ज्यादा बारिश हो रही थी। हालांकि मंगलवार की रात को गरुड़ क्षेत्र में 20 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। बागेश्वर तहसील में 17.50 और कपकोट में 10 मिमी बारिश हुई। वहीं, हो रही बारिश की वजह से सरयू नदी का जलस्तर 866.90 और गोमती नदी का 863.20 मीटर तक पहुंच गया है।

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