सावधान: उत्तराखंड में कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस भी हुआ घातक, एक और संक्रमित की मौत

उत्तराखंड में कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस भी घातक हो गया है। एम्स ऋषिकेश में ब्लैक फंगस से दूसरी मौत हो गई है।

इस वक्त यहां संक्रमित 28 मरीजों का इलाज चल रहा है। जबकि एक मरीज को स्वस्थ होने पर घर भेज दिया गया है। एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 18 संक्रमित मरीजों की सर्जरी भी कर दी है। मंगलवार दोपहर एम्स में 72 वर्षीय महिला की मौत हो गई। अलीगढ़ की महिला को 12 मई को एम्स में भर्ती किया था। कोविड संक्रमित महिला में जांच के दौरान बीती 14 मई को ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई थी।

एम्स के पीआरओ हरीश थपलियाल ने बताया कि एम्स में ब्लैक फंगस से संक्रमित 28 मरीज भर्ती हंै। एक को स्वस्थ होने पर मंगलवार को डिस्चार्ज कर दिया गया है। एम्स केचिकित्सक अब तक 18 पीड़ित मरीजों की सर्जरी भी कर चुके हैं। दस लोगों की सर्जरी बुधवार और गुरुवार को होनी है। एम्स में ब्लैक फंगस का 15 सदस्यीय टीम इलाज कर रही है।

उन्होंने बताया कि मंगलवार को ब्लैक फंगस के लक्षण वाले यूपी, उत्तराखंड के चार और मरीज भर्ती किये गये हैं। मालूम हो कि इससे पहले देहरादून निवासी एक 36 वर्षीय युवक की भी ब्लैक फंगस से मौत हो चुकी है।

वहीं दून अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। अस्पताल में तीन मरीजों में और ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। अस्पताल में अब ब्लैक फंगस के चार संदिग्ध मरीज भर्ती हुए हैं। एक मरीज की हालत गंभीर बताई गई है। मरीजों में आंखें सूजने, फैलने एवं निशान बनने के लक्षण मिले हैं।

अब कुमाऊं में ब्लैक फंगस का पहला मरीज मिला है। हल्द्वानी के एक प्राइवेट अस्पताल में ब्लैक फंगस का यह मरीज भर्ती हुआ है। जबकि सुशीला तिवारी अस्पताल में एक कोरोना संदिग्ध में ब्लैक फंगस के लक्षण पाए गए हैं। ब्लैक फंगस का मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

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