राजधानी देहरादून में खुला देश का पहला cryptogamic park, पढ़िए क्या है इसकी खासियत

पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए राजधानी देहरादून में देश का पहला पहला क्रिप्टोगैमिक उद्यान (first cryptogamic park of India) का चकराता क्षेत्र के देवबन में बनाया गया है।

इसका उद्घाटन रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल ने किया। मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि ये पार्ट नौ हजार फीट की ऊंचाई पर ‘क्रिप्टोगैमिक’ पौधों (cryptogamic plants) की करीब 50 प्रजातियां उगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि हमने पार्क के लिए देवबन में तीन एकड़ से ज्यादा भूमि को प्रदूषण स्तर कम होने और नम दशाओं की वजह से चुना जो इन प्रजातियों के पौधों के उगने में सहायक हैं।

देवबन में देवदार और शाहबलूत वृक्षों (Deodar Cedar and Chestnut trees) के घने जंगल हैं, जो ‘क्रिप्टोगैमिक’ या पुष्पहीन प्रजातियों के उगने के लिए प्राकृतिक घर जैसा माहौल देते हैं। उन्होंने बताया कि शैवाल, मॉस, लाइकेन, फर्न और कवक जैसे ‘क्रिप्टोगैम’ को उगने के लिए नम दशाओं की जरूरत होती है। बगीचे में मौजूद क्रिप्टोगैमिक समूहों के बारे में उन्होंने बताया कि शैवाल में सबसे आदिम जीव (primitive organisms) शामिल हैं जो मुख्य रूप से जलीय हैं। ब्रायोफाइट्स सबसे सरल और आदिम भूमि पौधे हैं जो शैवाल और टेरिडोफाइट्स में अपनी जगह बना लेते हैं। लाइकेन  एक जटिल जीव रूप है जो दो अलग-अलग जीवों, एक कवक और एक शैवाल (fungus and algae) की सहजीवी साझेदार हैं।

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