‘स्टार्ट-अप ग्रांड चैलेंज’ कार्यक्रम में सीएम धामी ने किया बड़ा ऐलान, जानें क्या है भविष्य की योजना

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि स्टार्ट अप के तहत ‘आइडिया ग्रेट चैलेंज’ के रूप में दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को लेकर बड़ी घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि ‘आइडिया ग्रेट चैलेंज’ के रूप में दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर दो लाख तथा स्टार्टअप को एक साल तक दिया जाने वाला मासिक भत्ता 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपए किया जाएगा।

सीएम धामी ने हरिद्वार रोड स्थित एक होटल में उद्योग विभाग द्वारा आयोजित ‘स्टार्ट-अप ग्रांड चैलेंज’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने इस दौरान 10 प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने एससी, एसटी, दिव्यांग और महिलाओं को दिया जाने वाले मासिक भत्ता 15 हज़ार से बढ़ाकर 20 हज़ार रुपए किये जाने की भी घोषणा की।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने इन्वेस्ट इंडिया द्वारा तैयार की गई वैलनेस रिपोर्ट का विमोचन भी किया। सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार युवाओं को इनोवेटिव कार्यों एवं उनके विचारों को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से देश के हर क्षेत्र में नवाचार हुए हैं।

स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया जैसे तमाम योजनाओं के जरिए देश में काम करने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहन मिला है।

उन्होंने स्टार्टअप करने वाले युवाओं को कहा कि आज उनकी पहचान अपने क्षेत्र और जिले स्तर की है, आने वाले समय में कई युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी पहचान बनाएंगे। सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड धर्म एवं आध्यात्म का केन्द्र है। इस साल अभी तक 34 लाख से अधिक श्रद्धालु चार धाम यात्रा कर चुके हैं।

प्रदेश में अब कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है। उन्होंने सभी शिव भक्तों से आग्रह किया है कि उत्तराखंड में आने वाले प्रत्येक शिवभक्त यहां एक-एक पौधा जरूर लगाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास की यात्रा हम सबकी है, राज्य के समग्र विकास के लिए सबकी भूमिका भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में एक नई कार्य संस्कृति एवं कार्य व्यवहार आया है। हम उत्तराखण्ड में भी कार्यसंस्कृति में सुधार ला रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्य में रोजगार के अवसरों में वृद्धि का प्रयास किया गया है, वहीं नवोन्मेषी विचारों को उद्यम में परिवर्तित करने तथा युवाओं की सृजनशीलता को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से स्टार्ट-अप नीति लागू की गई है। इस नीति के माध्यम से युवाओं को रोजगार सृजन एवं की ओर प्रेरित कर स्टार्ट-अप इको सिस्टम तैयार करने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार स्टार्ट-अप नीति के माध्यम से कॉलेज स्तर से उद्यमिता को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।

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