उत्तराखंड: शराब कारोबारियों को बड़ी राहत, पंचायतों को अनुदान राशि वितरण में बदलाव, 10 प्वाइंट में पढ़िए कैबिनेट की मीटिंग की बड़ी बातें

उत्तराखंड कैबिनेट की गुरुवार को बैठक हुई। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए।

मीटिंग में शराब कारोबारियों को बड़ी राहत देने पर फैसला हुआ। साथ ही पंचायतों को अनुदान राशि वितरण में बदलाव समेत कई फैसले लिए गए। 10 प्वांइट में समझिए मीटिंग में हुए अहम फैसले।

1. मीटिंग में फैसला हुआ कि कोविड-19 से संबंधित प्रदेश की सीमा पर प्रवासियों को क्वारंटीन किए जाने को लेकर हाईकोर्ट के दिए गए निर्देशों को पालन किया जाएगा। साथ ही इसकी जानकारी कोर्ट को दी जाएगी।

2. लॉकडाउन के दौरान शराब की दुकानें बंद रहने पर सरकार ने शराब कारोबारियों को भी राहत दी है। सरकार ने तीन तरह की राहत प्रदान की है। पिछले वित्तीय वर्ष में 20 मार्च से 31 मार्च तक 10 दिनों तक लॉकडाउन के कारण बंद रही दुकानों का 34 करोड़ रुपये अधिभार माफ कर दिया है।

3. 15वें वित्त आयोग के तहत त्रिस्तरीय पंचायत के लिए दी जाने वाले बजट में भी सरकार ने संशोधन किया है, पंचायतों को मिलने वाली सहायता राशि में 3.54 प्रतिशत बजट छावनी बोर्ड को दिया जाएगा। वित्त आयोग की इस सिफारिश के आधार पर प्रदेश सरकार ने भी ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत को मिलने वाली सहायता राशि में परिवर्तन किया है। अब वित्त आयोग से पंचायतों को 75 प्रतिशत, क्षेत्र पंचायत को 10 पंचायत और जिला पंचायत को 15 प्रतिशत बजट दिया जाएगा

4. मीटिंग में उत्तराखंड जोत चकबंदी नियमावली 2020 को मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत नाम, परिभाषा, नोटिस भेजना, अधिसूचना जारी करना, वगैरह को साफ किया गया है।

5. मीटिंग में मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना लागू करने पर मुहर लगी। इसके तहत केंद्र सरकार के बीच फंड के गैप की भरपाई प्रदेश की सरकार करेगी। बीज क्रय के लिए दूसरे निगमों के अतिरिक्त कृषि विश्वविद्यालय पंतनगर, टिहरी भरसार विश्वविद्यालय एवं आईसीएआर के लिए अनुमति दी गई।

6. बैठक में फैसाला हुआ कि पेयजल संस्थान के प्रबंध निदेशक पद की चयन प्रक्रिया में वार्षिक प्रविष्टि के लिए समयसीमा आठ साल की जगह पांच साल की जाए।

7. हेल्थ डिपार्टमेंट में डॉक्टर्स के लिए बिना छुट्टी के पांच साल की गैरहाजिरी पर सेवा समाप्त कर दी जाएगी।

8. टूरिजम डिपार्टमेंट के तहत होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा को संरक्षण देने के लिए पानी पर ली जाने वाली जल मूल्य कर वृद्धि 15 प्रतिशत की जगह नौ फीसदी लिया जाएगा। इससे एक करोड़ 87 लाख का बोझ प्रदेश सरकार पर पड़ेगा।

9. पर्यटन विभाग में पंजीकृत सवा दो लाख गाइड, राफ्टर, पोर्टर आदि और परिवहन विभाग में पंजीकृत 25 हजार ऑटो, ई-रिक्शा संचालकों को सरकार एक मुश्त एक-एक हजार रुपये देगी।

10. रजिस्टर्ड पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे बस ,स्टेज कैरिज, बस टैक्सी, मैक्सी कैब ऑटो, विक्रम और मालवाहक वाहन के परमिट नवीनीकरण को 31 मार्च 2021 तक बढ़ाया गया है, इससे वाहन मालिकों को नवीनीकरण शुल्क में भी राहत मिलेगी।

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