उत्तराखंड: नजूल भूमि पर काबिज लोगों को सरकार देगी GOOD NEWS, ये है तैयारियों का खाका!

उत्तराखंड में नजूल भूमि पर काबिज लोगों के लिए अच्छी खबर है। सरकार नजूल भूमि पर काबिज करीब डेढ़ लाख लोगों को राहत देने की तैयारी कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदेश की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार जल्द ही नजूल नीति लाने जा रही है। शासन के स्तर पर इसकी खाका भी तैयार किया जा रहा है। अमर उजाला में छपी खबर क मुताबिक मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खुद नजूल नीति लाने की पुष्टि की है। मीडिया रपट के मुताबिक सीएम ने कहा कि सभी कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नजूल नीति का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। फिलहाल सरकार नजूल की भूमि केवल सरकारी कार्यों के लिए ही आवंटित कर सकती है।   

सीएम ने अधिकारियों के निर्देश दिया है कि नजूल नीति बनाते वक्त सभी कानूनी पहलुओं का गहराई से अध्ययन किया जाए, ताकि भविष्य में इसको अदालत में चुनौती ना दी जा सके। आपका बतां दे कि राजधानी देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के अलावा नैनीताल जिले के तराई क्षेत्र में सबसे ज्यादा नजूल भूमि है। बताया जा ता है कि सूबे में करीब 392,204 हेक्टेयर नजूल भूमि है। इस भूमि के बहुत बड़े हिस्से पर डेढ़ लाख से अधिक लोग काबिज हैं।

किसी जगह पर जमीन लीज पर है तो कहीं इस पर दशकों से लोगों ने कब्जा कर रखा है। सरकार नीति के तहत इस भूमि को फ्री होल्ड कराना चाहती है। इससे पहले पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष बंशीधर भगत ने सीएम से नजूल नीति लाने की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा था कि जिस तरह दिल्ली में कब्जेदारों को राहत दी गई, उसी तरह नजूल भूमि को फ्री होल्ड किया जा सकता है। बता दें कि 2009 की नजूल नीति के तहत सरकार ने लीज और कब्जे की जमीन को फ्री होल्ड करने की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन मामला कोर्ट में चला गया था। तब से सरकार नई नजूल नीति को लेकर असमंजस में रही है।

ये होती है नजूल भूमि
सरकार के कब्जे की ऐसी जमीन जिसका जिक्र राजस्व रिकॉर्ड में नहीं है। ऐसी भूमि का रिकॉर्ड निकायों के पास होता है।

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