टिहरी झील के किनारे ‘रैबार’ में सेना प्रमुख, योगी आदित्यनाथ समेत ये हस्तियां हुईं शामिल, जानें किसने क्या कहा

उत्तराखंड स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में टिहरी झील के किनारे कोटी कॉलोनी में कार्यक्रम ‘रैबार-2 आवा आपणु घौर’ रविवार को आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में देश की बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। त्रिवेंद्र सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम का मकसद टिहरी झील को पर्यटन के प्रमुख स्थल के रूप में पूरी दुनिया में पहचान देना था। राज्य सरकार इस कार्यक्रम के जरिए यह संदेश देने में काफी हद तक कामयाब रही है। कार्यक्रम के माध्यम से इसमें शामिल हुईं हस्तियों ने राज्य से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की।

किसने क्या कहा?

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत:

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि उत्तराखंड में चीन सीमा से सटे इलाकों में सेना स्थानीय लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के साथ मूवमेंट के लिए हर मुमकिन काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में एयर कनेक्टिविटी, सड़क और संचार नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए सेना राज्य सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ:

रैबार- 2 कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने राज्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि 17 साल से उत्तराखंड और यूपी के कई मुद्दे उलझे हुए थे। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की पैरवी के चलते ज्यादातर परिसंपत्तियों के मुद्दों को सुलझा लिया गया है। सीएम योगी ने कहा कि उत्तराखंड के कर्मचारियों की पेंशन और पीएफ के लिए यूपी ने गत वर्ष 23 सौ करोड़ दिए थे।

सीएम योगी ने कहा कि इस साल भी 3 हजार करोड़ उत्तर प्रदेश की सरकार देगी। उन्होंने कहा कि इसी तरह सिंचाई विभाग का 398 करोड़ भी यूपी सिंचाई विभाग देने पर सहमत हो गया है। वन विकास निगम को 99 करोड़, खाद्य विभाग को 105 करोड़, ऊर्जा निगम को 174 करोड़ के भुगतान पर यूपी सरकार ने सहमति दे दी है।

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत:

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उनकी सरकार ने भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया है। सीएम रावत ने अपने संबोधन में कहा कि 200 से ज्यादा फिल्म और टीवी सीरियल की शूटिंग राज्य में हो रही है। उन्होंने प्रवासियों से उत्तराखंड में ज्यादा से ज्यादा निवेश करने की अपील की।

सीएम ने कहा कि जिस पीरूल को अभिशाप माना जाता था, उसे सरकार ने वरदान में तब्दील कर दिया है। उन्होंने कहा कि पीरूल से कोयला, बिजली और फ्यूल बनाया जा रहा है। राज्य के 23 लाख मीट्रिक टन भूभाग पर चीड़ है। 18 हजार करोड़ के टेंडर इस संबंध में अवार्ड किए गए हैं।

कार्यक्रम में ये हस्तियां हुईं शामिल:

रैबा-2 सम्मोलन में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक विजय पंवार, धन सिंह नेगी, विनोद कंडारी, पलायन आयोग के अध्यक्ष एएस नेगी, राघव जुयाल, एएस रावत, डीजी कोस्टगार्ड राजेंद्र सिंह, पूर्व डीजीएमओ लेफ्टिनेंट अनिल भट्ट, पूर्व रॉ चीफ अलोक जोशी, एनआईएम के प्रधानाचार्य अमित बिष्ट, एयर मार्शल महेंद्र बुटोला, निदेशक हिंदुस्तान ऍरोनॉटिक्स बीएस चमोला, कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह, एफटीआई के निदेशक भूपेंद्र कैंथोला, रमा उप्रेती, सीमा नेगी, डीआईजी अजय रौतेला, ओएनजीसी के सेवानिवृत्त अधिकारी एसएस नेगी, सचिव अमित नेगी आदि लोग शामिल हुए।

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