Blog

खुशखबरी! देश में कोरोना वायरस वैक्सीन ‘कोविशिल्ड’ के आपातकालीन उपयोग को सीडीएससीओ ने दी मंजूरी

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका कोरोना वायरस वैक्सीन ‘कोविशिल्ड’ के आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण को मंजूरी दे दी है।

हालांकि अभी ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की ओर से मंजूरी मिलना बाकी है। विशेषज्ञ पैनल ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) की ओर से ‘कोविशिल्ड’ और भारत बायोटेक द्वारा ‘कोवैक्सीन’ के लिए मांगे गए आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण पर निर्णय लेने के लिए एक बैठक बुलाई थी।

एक बार जब समिति की ओर से वैक्सीन के लिए रास्ता साफ हो गया, तब अंतिम अनुमोदन के लिए आवेदन भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) वी. जी. सोमानी को भेज दिया गया है। ये अनुमोदन भारत में वैक्सीन के रोलआउट के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा, जिसमें अमेरिका के बाद दुनिया में सबसे अधिक संक्रमण के मामले हैं। मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, रोलआउट छह जनवरी से शुरू होगा।

ब्रिटेन और अर्जेटीना पहले ही कोविशिल्ड को मंजूरी दे चुके हैं। वैक्सीन की पांच करोड़ से अधिक खुराक पहले ही इसके निमार्ता, पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा भंडारित की जा चुकी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत बायोटेक की कोवैक्सीन पर निर्णय का अभी भी इंतजार किया जा रहा है। पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ने क्लिनिकल परीक्षण और ‘कोविशिल्ड’ के निर्माण के लिए ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के साथ भागीदारी की है, जबकि भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ मिलकर ‘कोवैक्सीन’ बनाई है।

अमेरिका की फाइजर पहली वैक्सीन थी, जिसने चार दिसंबर को त्वरित अनुमोदन के लिए आवेदन किया था। इसके बाद क्रमश: छह और सात दिसंबर को सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक ने आवेदन किया था। फाइजर ने हालांकि अभी डेटा पेश करने के लिए और समय मांगा है। डीसीजीआई ने गुरुवार को इस बात का संकेत दिया था कि भारत में नए साल में कोविड-19 वैक्सीन आ सकती है। डीसीजीआई ने उम्मीद जताई कि नववर्ष बहुत शुभ होगा, जिसमें हमारे हाथ में कुछ होगा।

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के विशेषज्ञों की समिति ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के कोविड-19 टीके के आपात इस्तेमाल की अनुमति देने के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की गुजारिश और ‘कोवैक्सीन’ के आपात इस्तेमाल को अनुमति देने के भारत बायोटेक के आग्रह पर विचार करने के लिए बुधवार को बैठक की थी।

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया वी. जी. सोमानी के मुताबिक, महामारी के मद्देनजर आवेदकों को अनुमति प्रदान करने की पक्रिया तेजी से चल रही है और साथ ही पूरे डाटा की प्रतीक्षा किए बिना ही पहले और दूसरे चरण के परीक्षणों को अनुमति दी गई है।

केंद्र सरकार ने ड्राइव के पहले चरण में लगभग 30 करोड़ लोगों को टीका लगाने की योजना बनाई है। वैक्सीन सबसे पहले एक करोड़ हेल्थकेयर वर्कर्स के साथ ही दो करोड़ फ्रंटलाइन और आवश्यक वर्कर्स और 27 करोड़ बुजुर्गों को दी जीएगी। वैक्सीन के लिए पहले से बीमारियों का सामना कर रहे 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी।

newsnukkad18

Recent Posts

उत्तराखंड: UTU में कथित पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का मार्च, उच्च शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…

2 months ago

प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद फैसला

केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…

2 months ago

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने खत्म किया आंदोलन, छात्रों से की जंतर-मंतर खाली करने की अपील

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…

2 months ago

चमोली विकास परियोजनाएं: गोपेश्वर से सीएम धामी का बड़ा ऐलान, 155 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी

उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…

2 months ago

बद्रीनाथ मंदिर दान: अनियमितताओं की जांच के बीच BKTC कोषाध्यक्ष का तबादला, CEO ने दी सफाई

उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…

2 months ago

दिल्ली का पुनर्वास मॉडल सवालों के घेरे में, क्या गरीबों को शहर से बाहर धकेला जा रहा है?

दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…

4 months ago

This website uses cookies.