फोटो: सोशल मीडिया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक का कहना है कि भारत में रहकर, भारत में ही पढ़ो विजन के माध्यम से सरकार भारत को शिक्षा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
निशंक ने आईआईटी बॉम्बे द्वारा नई शिक्षा नीति-2020 पर आयोजित एक कार्यशाला का उदघाटन करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में 34 सालों के लंबे अंतराल के बाद हमारी नई शिक्षा नीति को ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक, शिक्षक से लेकर शिक्षाविद तक, छात्र से लेकर अभिभावक तक एक ‘अद्भुत स्वीकार्यता’ मिली है।
जो इसे 21वीं सदी के नए भारत के ‘विजन डॉक्यूमेंट’ के रूप में स्थापित करती है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे सभी संस्थान इस नीति की आत्मा को समझते हुए इसे पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से लागू करेंगे।
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