Blog

आज रात आसमान में दिखेगा ऐतिहासिक नजारा, 800 साल बाद बृहस्पति-शनि ग्रह नजर आएंगे एक साथ

दुनियाभर के अंतरिक्ष प्रेमियों के लिए आज की रात ऐतिहासिक होने वाली है। 800 साल बाद बृहस्‍पति-शनि ग्रह एक-दूसरे के इतने करीब आ जाएंगे कि लगेगा कि दोनों ग्रह एक हैं।

बृहस्‍पति-शनि के मिलन का नजारा अपने आप में दुर्लभ है क्‍योंकि यह जीवनकाल में एक ही बार ही आता है। इसीलिए इसे महान संयोग कहा जा रहा है। 21 दिसंबर यानी आज ग्रहों के एक सीध में आने को क्रिसमस स्‍टार कहा जा रहा है। दरअसल, बृहस्पति और शनि ग्रहों इस दिन इतने करीब होंगे कि ये एक ही दिखेंगे। इन दोनों के बीच सिर्फ 0.1 डिग्री की दूरी होगी।

खास बात यह है कि 800 सौ साल पहले यह मौका रात के वक्त आया था और इस बार भी इसे रात को देखा जा सकेगा। भारत में यह नजारा 6.30 और 7.30 बजे के आसपास देखने को मिलेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक इससे पहले 4 मार्च 1226 को यह दुर्लभ घटना हुई थी और उस समय भी आकाश में क्रिसमस का तारा नजर आया था।

newsnukkad18

Recent Posts

उत्तराखंड: UTU में कथित पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का मार्च, उच्च शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…

3 weeks ago

प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद फैसला

केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…

3 weeks ago

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने खत्म किया आंदोलन, छात्रों से की जंतर-मंतर खाली करने की अपील

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…

3 weeks ago

चमोली विकास परियोजनाएं: गोपेश्वर से सीएम धामी का बड़ा ऐलान, 155 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी

उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…

4 weeks ago

बद्रीनाथ मंदिर दान: अनियमितताओं की जांच के बीच BKTC कोषाध्यक्ष का तबादला, CEO ने दी सफाई

उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…

4 weeks ago

दिल्ली का पुनर्वास मॉडल सवालों के घेरे में, क्या गरीबों को शहर से बाहर धकेला जा रहा है?

दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…

3 months ago

This website uses cookies.