महाराष्ट्र में टी-20 मैच से भी ज्यादा रोमांचित होने वाला है सियासी खेल, पावर गंवाने के बाद ये है पवार की रणनीति

महाराष्ट्र में अजित पवार के समर्थन से सरकार बनाने के बाद बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं।

सीएम पद की शपथ लेने के बाद देवेंद्र फडणवीस मुंबई में बीजेपी दफ्तर पहुंचे और कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा कि हम एक मजबूत सरकार देंगे। इसके साथ उन्होंने बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि मोदी है तो मुमकिन है!

बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मैंने तो पहले ही कह दिया था कि क्रिकेट और राजनीति में कुछ भी मुमकिन है, अब आप ये समझ सकते हैं कि मेरे कहने का मतलब क्या था। वहीं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर महाराष्ट्र को लेकर जीत का चिन्ह दिखाते देखे गए।

उधर, बीजेपी के खेल के बाद एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना इस लड़ाई को और मजूत तरीके से लड़ने का ऐलान कर दिया है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि भले ही बीजेपी ने धोखे से सरकार बना लिया है, लेकिन वह विधानसभा में बहुमत साबित नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा कि सभी विधायक उनके साथ हैं। वहीं, कांग्रेस और शिवसेना ने भी अपने विधायकों की निगरानी शुरू कर दी है।

देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद की शपथ तो ले ली है। लेकिन उन्हें सदन में बहुमत भी साबित करना होगा। 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में बहुमत के लिए 145 विधायकों की जरूरत होगी। बीजेपी के 105 विधायक हैं। ऐसे में उसे सदन में बहुमत साबित करने के लिए 40 विधायकों की जरूरत पड़ेगी।

एनसीपी के 54 विधायक हैं। इनमे से 42 विधायक शनिवार को एनसीपी विधायक दल की बैठक में शामिल हुए। बचे 12 विधायकों को लेकर एनसीपी ने कहा कि ये विधायक भी उसके साथ हैं। शरद पवार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में अजित पवार को एनसीपी विधायक दल के नेता के पद से हटाने का फैसला लिया। अजित पवार की जगह अब ये जिम्मेदारी जयंत पाटिल को दी गई है।

वहीं, कांग्रेस के 44 विधायक हैं और शिवसेना के 56 विधायक हैं। दोनों ही पार्टियों की नजर अपने विधायकों पर है। तीनों पार्टियों का कहना कि किसी भी कीमत पर वो बीजेपी को विधानसभा में बहुमत साबित नहीं करने देंगी। उधर, बीजेपी का कहना है कि वो बहुत आराम से विधानसभा में बहुमत साबित कर लेगी। यहीं नहीं बीजेपी ने ये भी दावा किया है कि उसे 170 से ज्यादा विधायकों का समर्थन है। ऐसे में महाराष्ट्र में सियासी खेल आने वाले दिनों में 20-20 मैच से भी ज्यादा रोमांचित होने वाला है।

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