अयोध्या केस पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आखिरी होगा। अदालत ने अयोध्या मामले में दाखिल सारी पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया है। बंद चैंबर में आज सुप्रीम कोर्ट ने 5 जजों की संवैधानिक पीठ ने सभी 18 याचिकाओं को सुना और सभी को खारिज कर दिया।
आपको बता दें कि इस मामले में 9 याचिकाएं पक्षकार की तरफ से, जबकि 9 याचिकाकर्ता की ओर से लगाई गई थी। एक याचिका निर्मोही अखाड़े की तरफ से भी दायर की गई थी। जिसमें कहा गया था कि अयोध्या मामले में फैसले के एक महीने बाद भी राम मंदिर ट्रस्ट में उनकी भूमिका तय नहीं हुई है। अदालत इस मामलें में स्पष्ट आदेश दे। लेकिन अब उनकी याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं।
खारिज की गई ज्यादातर याचिकाएं अयोध्या मसले पर आए सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले से असंतुष्ट मुस्लिम पक्षकारों की थी। याचिका में कहा गया था कि कोर्ट के फैसले का पहला और दूसरा हिस्सा विरोधाभासी है। अदालत ने इस पर तो सहमति जताई कि मस्जिद का निर्माण, मंदिर को तोड़कर नहीं किया गया था और 1992 का मस्जिद विवाद अवैध है। फिर कोर्ट ने यह जमीन दूसरे पक्ष को क्यों दे दी? याचिका में ये भी कहा गया कि मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन दे दी गई, जिसकी न तो अपेक्षा की गई थी और न ही अदालत से इसकी मांग की गई थी।
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को विवादित 2.7 एकड़ जमीन पर ट्रस्ट के जरिए मंदिर और मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या में ही 5 एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था।
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