अयोध्या भूमि विवाद पर फैसले की घड़ी आ गई है। बताया जा रहा है कि इस पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना देगा।
पूरे देश की निगाहें इस फैसले पर टिकी हुई हैं। फैसले से पहले राम नगरी अयोध्या छावनी में तब्दील है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। आने जाने वाले लोगों पर ड्रोन से नजर रखी जा रही है। फैसले से सभी राज्यों को अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है। अयोध्या के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के 150 से ज्यादा स्कूलों में सुरक्षा बलों ठहराया गया है। वहीं पड़ोसी जिले आंबेडकर नगर में विभिन्न कॉलेजों में आठ अस्थायी जेल बनाए गए हैं। शहर में धारा 144 लागू है। अयोध्या भूमि विवाद से जुड़े किसी भी विवादित पोस्ट पर सोशल मीडिया पर रोक है।
ये था इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला:
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 2010 में फैसला सुनाते हुए अयोध्या की विवादित 2.77 एकड़ जमीन को राम लला, सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़ा के बीच बराबर-बराबर बांटने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के फैसले को एक पक्ष ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। 1858 से देश के सामाजिक-धार्मिक मामलों का अहम बिंदु रहा ये मुकदमा देश की सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक दशा और दिशा तय कर सकता है।
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