Categories: IndiaNews

लखनऊ: शिवपाल की जनाक्रोश रैली में शामिल हुए मुलायम, सभा में उमड़ा जनसैलाब, तीसरे मोर्चे ने दी बड़ी चुनौती

लखनऊ में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी और बहुजन मुक्ति पार्टी की ओर से रमाबाई मैदान में जनाक्रोश रैली का आयोजन किया। इस जनाक्रोश रैली में जनसैलाब उमड़ पड़ा। भीड़ देखकर शिवपाल यादव गदगद नजर आए।

समाजवादी पार्टी से अलग होने के बाद शिवपाल की यह पहली रैली थी। ऐसे में इस रैली पर दूसरे राजनीतिक दलों की भी नजर थी। जनाक्रोश रैली में शिवपाल को आर्शीवाद देने के लिए उनके भाई और अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव खुद मंच पर पहुंचे। जैसे ही रैली में मुलायम सिंह यादव पहुंचे कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ गया। इस रैली में मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव समेत समाजवादी पार्टी के तमाम उपेक्षित नेता शामिल हुए।

मुलायम सिंह ने कहा कि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेतृत्‍व में चुनाव लड़ा जाएगा। उन्होंने शिवपाल के सिर पर हाथ रखकर आर्शीवाद दिया और कहा कि आप तो इमर्जेंसी से ही लड़ते आ रहे हैं। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मंच से लोगों को संबोधित करते हुए मुलायम सिंह यादव ने देश की संप्रादायिक ताकतों के खिलाफ आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि देश के सामने गंभीर समस्‍या है। उन्होंने कहा, “एक समस्‍या यह है कि कुछ सांप्रदायिक शक्तियां फिर से सिर उठा रही हैं, जिनके लिए मुझे लंबा संघर्ष करना पड़ा था। मुझे अब लग रहा है कि इन शक्तियों से जीवनभर संघर्ष करना पड़ेगा। दूसरी तरफ पड़ोसी देश हमारी जमीन पर कब्‍जा कर रहे हैं।”

रैली में शिवपाल यादव को आर्शीवाद देते हुए मुलायम सिंह यादव

जनसभा को संबोधित करते हुए प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने पीएम मोदी पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का सीना 56 इंच का होगा, लेकिन कोई दम नहीं है। शिवपाल ने कहा कि आज देश कर्ज और कब्जे से दबा हुआ है। देश पर 51304 अरब का कर्ज है। 1086 वर्ग मील पर पाकिस्तान और 37 हजार किमी पर चीन का कब्जा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान तक का कब्जा बढ़ता जा रहा है। देश कब्जा और कर्जा से मुक्त होना चाहिए।

शिवपाल ने कहा कि देश को फिर से दंगे में झोंकने की साजिश चल रही है। आज लोग मुसलमानों का नाम लेने से डरने लगे हैं। 1989 में नेताजी मुख्यमंत्री थे तो बाबरी मस्जिद बचाई थी। दंगे रोके थे। लेकिन 1992 में क्या हुआ। उन्होंने कहा कि आज हाल ये है कि धारा 144 लगने के बावजूद अयोध्या में 25 नवंबर के बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। जब कानून-व्यवस्था नाकाम हो तो प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए। हम देश को फिर दंगे में नही झोंकने देंगे। शिवपाल ने दावा किया कि उनके पास 44 छोटे-छोटे दलों का समर्थन है।

रैली में शामिल हुईं मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णां यादव ने शिवपाल यादव को शेर बताया। उन्होंने कहा कि आज के इस जनसैलाब से यह साबित हो गया है कि शेर को चोट नहीं पहुंचाना चाहिए। उन्होंने मंच से सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज बदलाव का समय है। कब तक गिनी चुनी पार्टी को मौका देंगे। 2019 में नए रूप में आगे आइए और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी को अपना समर्थन दीजिए।

शिवपाल की रैली में उमड़ा जनसैलाब

शिवपाल और उनकी पार्टी ने मंच से जनता को यह संदेश दिया कि समाज, जाति और धर्म से ऊपर उठकर उनकी पार्टी लोगों और प्रदेश के विकास को महत्व देगी। सभा को संबोधित करते हुए शिवपाल के बेटे और उनकी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आदित्य यादव ने कहा, “अभी तक बहुत लोगों ने समाजवाद के लिए काम किया। हम हिन्दू मुस्लिम की बात नहीं करेंगे। हम रोजगार की बात करेंगे। हम अपनी सुरक्षा के लिए बात करेंगे। हम प्रगतिशील को ही अपना धर्म बनाएंगे। उसको आगे बढ़ाएंगे।”

शिवपाल के बेटे आदित्य ने मंच से योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा, “आज लोग शहरों के नाम बदल रहे हैं। मैं कहता हूं कि अगर विकास करना है तो नए शहर बनाइए। इसको विकास कहते हैं। हमें समाजवाद को फिर से जिंदा करना होगा।”

[wpvideo 2BtBAeh8]

इस रैली को सफल बनाने में सबसे बड़ा योगदान बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रमुख महासचिव बंशीलाल यादव का योगदान रहा। यही वजह है कि खुद मुलायम सिंह यादव ने खास तौर पर बंशीलाल यावद का मंच से नाम लिया और उन्हें जननेता कहा। रैली खत्म होने के बाद बंशीलाल यादव ने न्यूज़ नुक्कड़ से बात की। उन्होंने कहा की हमारी रैली सफल रही।

[wpvideo rEDRH2SL]

बंशीलाल यादव ने उन सभी लोगों का धन्यवाद किया, जिन्होंने इस रैली को सफल बनाने में मदद की। उन्होंने दावा किया कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में बड़ा बदलाव होगा और उस बदलाम में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी और बहुजन मुक्ति पार्टी की अहम भूमिका होगी।

Ram Yadav

Recent Posts

उत्तराखंड: UTU में कथित पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का मार्च, उच्च शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…

2 months ago

प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद फैसला

केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…

2 months ago

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने खत्म किया आंदोलन, छात्रों से की जंतर-मंतर खाली करने की अपील

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…

2 months ago

चमोली विकास परियोजनाएं: गोपेश्वर से सीएम धामी का बड़ा ऐलान, 155 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी

उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…

2 months ago

बद्रीनाथ मंदिर दान: अनियमितताओं की जांच के बीच BKTC कोषाध्यक्ष का तबादला, CEO ने दी सफाई

उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…

2 months ago

दिल्ली का पुनर्वास मॉडल सवालों के घेरे में, क्या गरीबों को शहर से बाहर धकेला जा रहा है?

दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…

4 months ago

This website uses cookies.