बोरिस जॉनसन के असफल पत्रकार से प्रधानमंत्री बनने की कहानी

ब्रेक्जिट की अनिश्चित्ता के बीच ब्रिटेन ने बोरिस जॉनसन को अपना अगला प्रधानमंत्री चुन लिया है। लंदन के पूर्व मेयर और यूनाइटेड किंगडम के पूर्व विदेश मंत्री बोरिस जॉनस ने अपने प्रतिद्वंदी जेरम हंट को बड़े अंतर से हराया है।

जॉनसन को 92,153 यानि करीब 66 फीसदी वोट मिले। जबकि जेरमी हंट को सिर्फ 46,656 वोट ही मिले। पीएम की कुर्सी तक पहुंचने वाले बोरिस जॉनसन की जिंदगी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। जॉनसन कभी पत्रकार भी हुआ करते थे। आपको बताते हैं कैसे वो पत्रकार से प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गए।

कहां से ली शिक्षा?

जॉनसन का बचपन कई जगहों पर बीता। वो न्यूयॉर्क सिटी, लंदन और ब्रूशेल्स में रहे। सबसे पहले उन्होंने स्कूली शिक्षा इंग्लैंड के एक बोर्डिंग स्कूल से ली। जॉनसन एक होनहार छात्र थे। उन्होंने Eton College में एक स्कॉलरशिप जीती इसके बाद ऑक्सफोर्ड के Balliol College से क्लासिक्स विषय में पढ़ाई की। यहां पढ़ाई के दौरान बोरिस जॉनसन ऑक्सफोर्ड यूनियन के प्रेसिडेंट भी चुने गए थे।

इस तरह पत्रकारिता में रखा कदम

बोरिस जॉनस ने पहले कुछ दिन मैनेजमेंट कंसल्टेंट के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता में कदम रखा। ब्रिटानिका की जॉनसन ने सबसे पहले दी टाइम्स अखबार में रिपोर्टर के तौर पर नौकरी की शुरुआत की। हालांकि यहां ज्यादा दिन तक उनकी नौकरी नहीं चली। तथ्य में गड़बड़ी के आरोप में उन्हें निकाल दिया गया था। इसके बाद उन्होंने दी टेलीग्राफ अखबार में काम किया। यहां उन्होंने करेस्पॉनडेंट के तौर पर यूरोपियन समुदाय को कवर किया। दी टेलीग्राफ में उन्होंने लंबे वक्त तक काम किया। करेस्पॉनडेंट के बाद 1994 में यहां असिस्टेंट एडिटर बन गए। इसी साल जॉनस The Spectator में पॉलिटिकल कॉलमनिस्ट भी बन गए। पत्रकारिता करते हुए ऐसे हालात बने की वो राजनीति में आ गए।

जॉनसन का राजनीतिक सफर

बोरिस जॉनसन साल 2001-2008 तक हेनले के MP रहे। इसके अलावा आठ साल वो लंदन के मेयर भी रहे। इसके अलावा ब्रिटेन के भावी प्रधानत्री चार साल MP for Uxbridge and South Ruislip रहे। उन्होंने 2016-2018 यानि दो साल तक फॉरेन सेक्रेटरी के तौर पर काम किया। 2016 में विदेश मंत्री बन गए। हालांकि विदेश मंत्री बनने पर उनकी काफी आलोचना हुई।

विवादों से रहा नाता

55 साल बोरिस जॉनसन का विवादों से काफी नाता रहा है। वो बराक ओबामा और हिलेरी क्लिंटन पर आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं। अप्रैल 2016 में उन्होंने कहा था कि ओबामा कुछ-कुछ केन्याई मूल के हैं और ब्रिटेन से खानदानी नफरत करने वाले हैं। हिलेली क्लिंटन को लेकर जॉनसन ने कहा था कि वो किसी मेंटल हॉस्पिटल की ‘सेडिस्टिग नर्स’ की तरह हैं। इसके आलावा बोरिस जॉनसन ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तयीप एर्दोगन के बकरी से सेक्स करने वाली एक कविता लिखी थी। कमाल की बात ये है कि इस कविता के लिए बोरिस को एक हजार पाउंड का इनाम भी मिला था। बोरिस जॉनसन सीरिया के राष्ट्रपति असद की तारीफ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की निंदा कर चुके हैं।

विकिलीक्स में भी आया नाम

बड़ी हस्तियों को लेकर बड़े-बड़े खुलासे करने वाली वेबसाइट विकिलीक्स ने बोरिस जॉनसन के बारे में दावा किया था कि वो दो बार ‘अडल्टरी’ के मामले में एक्सपोज हो चुके हैं।

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