उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने देहरादून में प्रेस से बात करते हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग की।
माहरा ने कहा कि हमारा सीधा आरोप है बिना रजिस्ट्रेशन के चलने वाले रिजॉर्ट में मर्डर हुआ है। उन्होंने कहा कि कई रसूखदार लोग लगातार रिजॉर्ट में आ रहे थे, जिसके लिए सबूतों को मिटाया गया। पुलिस ने रिमांड लेने के लिए कोई एप्लीकेशन नहीं लगाई, क्यों? बीजेपी की महिला नेत्रियों ने अभी तक कोई आवाज क्यों नहीं उठाई। वहीं पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि उत्तराखंड पुलिस ने क्या चूड़ियां पहनी हैं, और कौन वो वीआईपी था, जिसके लिए अंकिता पर दबाव बनाया गया। जब तक सरकार उस वीआईपी का नाम सार्वजनिक नहीं करेगी, कांग्रेस पूरी कार्रवाई को सही नहीं मानेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 24 घंटे के अंदर उस वीआईपी का नाम सार्वजनिक करना पड़ेगा। साथ ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी क्यों अपराधियों से हाथ मिलाते नजर आए। पुलिस कस्टडी की जगह ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजकर अपराधियों को बचाने का समय दिया गया । हम पूरे मामले की सीबीआई से जांच की मांग करते हैं।
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