उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने राज्यभर के सभी शिक्षण संस्थानों को अग्रिम आदेशों तक बंद रखने को कहा है।
इसके बावजूद कुछ निजी स्कूल अभिभावकों पर सभी मदों में पूरी फीस देने के लिए दबाव बना रहे हैं। शिक्षा महानिदेशक विनय शंकर पांडेय ने निजी स्कूलों में फीस भुगतान में मनमानी रोकने को राज्य के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए।
शिक्षा महानिदेशक ने साफ किया है कि स्कूल बंद रहने की अवधि में जो संस्थान ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे हैं, वे इस दौरान सिर्फ ट्यूशन फीस ही बच्चों से लेंगे।
इससे पहले बीती 25 अप्रैल को शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से भी आदेश जारी कर निजी स्कूलों को ऑनलाइन पढ़ाई कराने पर ट्यूशन फीस लेने को कहा था।
शासन ने आदेश के तकरीबन 25 दिन बाद अब शिक्षा महानिदेशक ने सभी जिलों में मुख्य शिक्षा अधिकारियों को सख्ती से निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के निर्देश दिए हैं।
अभिभावकों पर बढ़ी फीस देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। यह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है, तब तक स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस ही लेंगे।
शिक्षा महानिदेशक विनय शंकर पांडेय ने कहा कि जो अभिभावक यह फीस देने में भी असमर्थ हैं उन्हें स्कूल के प्रधानाचार्य के नाम एक पत्र लिखकर अपनी समस्या बतानी होगी। निजी स्कूलों को ऐसे अभिभावकों की समस्या सुनने एवं फीस जमा करने के लिए उन्हें अधिक समय देने को एक कमेटी बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
किसी भी परिस्थिति में छात्र-छात्रा के अभिभावक स्कूल की फीस जमा नहीं कर पाते हैं तो छात्रों को स्कूल से बाहर नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करने वाले स्कूलों की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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