फोटो: सोशल मीडिया
चमोली त्रासदी के बाद कई घरों के चिराग बुझ गए। अभी भी कई लोग लापता हैं। लापता लोगों के परिजन अपनों की राह देख रहे हैं।
इन सबके बीच जिन घरों के चिराग बुझ गए हैं, उनके यहां मातम पसरा है। मुआवजे का ऐलान कर दिया गया। लेकिन, मुआवजे से कोई अपना तो नहीं लौटता है! अपनों के खोने के गम में जो लोग आंसू बहा रहे हैं। ऐसे लोगों से मिलकर चमोली की डीएम स्वाति एस भदौरिया उन्हें सांत्वना दे रही हैं। उनके इस काम की पूरे पहाड़ में तारीफ हो रही है। लोगों से मिलकर जिस तरह से डीएम स्वाति एस भदौरिया पेश आ रही हैं, उससे उनका व्यक्तिव नजर आ रहा है।
डीएम ने इस दौरान कहा कि तपोवन सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए दिन-रात हर संभव कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में सरकार और प्रशासन पूरी तरह से पीड़ितों के परिजनों के साथ खड़ा है। डीएण ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि परिवार को हर संभव मदद की जाएगी।
करछौं गांव निवासी कुलदीप सिंह और आशीष सिंह दोनों बाप-बेटे आपदा के बाद से ही लापता हैं। दोनों ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट मे काम करते थे। वहीं करछौं गांव के ही ओम प्रकाश सिंह भी तपोवन सुरंग में काम करते थे। वो भी आपदा से बाद से लापता हैं।
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