उत्तराखंड में कोरोना की रोकथाम को लेकर जारी लॉकडाउन से राज्य सरकार को राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
लॉकडाउन की वजह से यातायात बंद होने से अल्मोड़ा रोडवेज डिपो को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। बीते डेढ़ महीने से रोडवेज बसें खड़ी हैं। लॉकडाउन के चलते पिछले 22 मार्च से रोडवेज बसों समेत पब्लिक ट्रांसपोर्ट का संचालन बंद है। यातायात बंद होने से टैक्सी और प्राइवेट बस संचालकों के सामने जहां रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, वहीं उत्तराखंड रोडवेज परिवहन निगम को भी करोड़ों का घाटा हो चुका है।
रोडवेज के एआरएम जीएस कठैत ने बताया कि अल्मोड़ा डिपो के पास 47 बसें हैं। इनसे रोजाना पांच लाख से अधिक आय होती है। इस हिसाब से अल्मोड़ा डिपो को करीब 2 करोड़ 64 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हो चुका है। उन्होंने बताया कि अभी तक बसों का संचालन बंद है। आज कल प्रवासियों को उनके घर तक छोड़ने के लिए 43 बसें मांगी गई है। इनमें से 24 बसें मैदानी क्षेत्रों के लिए तो 19 बसें पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को छोड़ने के लिए मांगी गई हैं।
(अल्मोड़ा से हरीश भंडारी की रिपोर्ट)
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
उत्तराखंड के जिला सहकारी बैंक से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बैंक…
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रेवतीपुर पश्चिमी में…
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील में वकीलों के साथ कथित उत्पीड़न और…
गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील के ग्राम सभा सेवराई में प्रस्तावित सरकारी अंग्रेजी शराब की…
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में रविवार, 12 अप्रैल 2026 को…
This website uses cookies.