फोटो: सोशल मीडिया
रविवार को चमोली जिले के रैनी गांव में ग्लेशियर टूटने के बाद पानी का तेज बहाव नीचे की ओर आया है। जिससे तबाही मच गई।
इसका पानी सबसे पहले तपोवन स्थित NTPC के पावर प्रोजेक्ट में ही आया।अचानक हुए इस हादसे की वजह से लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। हीं, NDRF के डीजी एसएन प्रधान ने कहा कि अभी हमारा पूरा ध्यान 2.5 किलोमीटर लंबी सुरंग के अंदर फंसे हुए लोगों को बचाने पर है। सभी टीमें उसी काम में लगी हुई हैं।सुरंग में 1 किलोमीटर से ज्यादा तक की मिट्टी को हटा दिया गया है।जल्द ही हम उस स्थान तक पहुंच जाएंगे जहां पर लोग जीवित हैं।
जानकारी के मुताबिक तपोवन के सुरंग नंबर 2 में भारी कीचड़ की वजह से अंदर जा रही रेस्क्यू टीम को वापस लौटना पड़ा है। ये टीम विशेष कैमरा, स्निफर डॉग के साथ अंदर जाने की कोशिश कर रही थी, ऑक्सीजन सिलेंडर से लैस ये टीम काफी मशक्कत के बाद 100 मीटर से आगे नहीं बढ़ सकी।इसके बाद इस टीम को वापस लौटना पड़ा।अब मशीनों के जरिए कीचड़ और गाद को साफ किया जा रहा है।
वहीं अब तक टनल से 265 लोगों के शव को निकाल दिया गया है। वहीं 171 लोगों के अभी भी लापता होने की खबर है। उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि टनल में अभी भी 36 लोगों के फंसे होने की आशंका है।
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