हरिद्वार में स्वास्थ्य विभाग के चुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सख्त कदम उठाया है।
मांगें पूरी नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने भूखा रहकर ड्टूटी करने का फैसला लिया है। कर्मचारी बिना खाए ड्यूटी कर रहे हैं। इनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं पूरी होतीं तब तक वे भूखा रहकर ही ड्यूटी करेंगे और इसी तरह विरोध दर्ज कराते रहेंगे।
विरोध कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि अगर विरोध के दौरान किसी स्वास्थ्य कर्मी के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री दिनेश लखेड़ा ने कहा है कि कर्मचारियों की पदोन्नति, पौष्टिक आहार भत्ता, एक महीने का अतिरिक्त मानदेय समेत कई मांगें लंबित हैं। उन्होंने कहा कि हमारी मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है। ऐसे में उनके पास विरोध करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
कर्मचारियों का कहना है कि वो काफी लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक के सामने अपनी मांगों को रख रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने विरोध का रास्ता चुना है।
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
उत्तराखंड के जिला सहकारी बैंक से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बैंक…
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रेवतीपुर पश्चिमी में…
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील में वकीलों के साथ कथित उत्पीड़न और…
गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील के ग्राम सभा सेवराई में प्रस्तावित सरकारी अंग्रेजी शराब की…
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में रविवार, 12 अप्रैल 2026 को…
This website uses cookies.