CM एडवाईजरी ग्रुप की समीक्षा में कई प्रस्तावों पर हुई चर्चा, मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने दिए मेडिकल टूरिज्म में योजनाएं तैयार करने के निर्देश

सचिवालय में आज सीएम एडवाईजरी ग्रुप की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि उत्‍तराखंड में मेडिकल टूरिज्म की बहुत अधिक सम्भावनाएं हैं।

इस क्षेत्र के लिए योजनाएं तैयार की जानी चाहिए। बता दें कि, राज्य के विकास में नवाचार और उद्यमिता की भूमिका और कोविड-19 के कारण आने वाली चुनौतियों का सामना करने के साथ ही रणनीति बनाकर इन चुनौतियों को अवसरों में बदलने के लिए एक मुख्यमंत्री सलाहकार समूह गठित किया गया है। मुख्यमंत्री सलाहकार समूह में सरकारी के साथ ही गैर-सरकारी सदस्यों को भी रखा गया है।

मुख्यमंत्री सलाहकार समूह की प्रथम बैठक में प्राप्त मुख्य सुझावों में उत्तराखंड के उत्पादों की ब्रांड आईडेंटिटी विकसित किए जाने, मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा दिए जाने, उत्तराखंड की अद्वितीय जैव विविधता का लाभ लेने, छोटे उद्यमों में आने वाली वास्तविक समस्याओं का पता लगाने एवं उनका व्यवस्थित समाधान करने जैसे विभिन्न सुझाव प्राप्त हुए थे। सभी सुझावों में से चयनित छह मुख्य सुझावों के लिए अधिकारियों की अध्यक्षता में छह उपसमूह भी बनाए गए हैं।बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म की बहुत अधिक सम्भावनाएं हैं।

इस क्षेत्र के लिए योजनाएं तैयार की जानी चाहिए, इसके साथ ही आयुर्वेद प्रशामक देखभाल के क्षेत्र में भी योजनाएं तैयार की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि टीबी रोग का घर बैठे इलाज होने के कारण टीबी सैनेटोरियम का महत्त्व कम होता जा रहा है, इनको मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में प्रयोग किया जा सकता है।मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड के पास जैव विविधता के रूप में बहुमूल्य धरोहर है। इस जैव विविधता के माध्यम से प्रदेश में स्थानीय लघु उद्यमों एवं रोजगार के सृजन के लिए विशेषज्ञों से सुझाव लिए जाएं ताकि योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके और प्रदेश की आर्थिकी को बेहतर बनाया जा सके।

उन्होंने कहा कि ब्रांड आईडेंटिटी के लिए एक खुली लोगो प्रतियोगिता आयोजित की जाए ताकि राज्य एवं देशभर से ब्रांड लोगो के लिए सुझाव आ सकें। उन्होंने कहा कि इसके लिए अच्छी पुरस्कार राशि भी प्रदान की जानी चाहिए।मुख्य सचिव ने कहा कि सभी संबंधित विभाग प्लानिंग डिपार्टमेंट के संयोजन में कार्य करेंगे और इसके लिए मई माह में एक वर्कशाप आयोजित की जाए। जिसमें सलाहकार समूह की ओर से प्राप्त प्रत्येक सुझाव के लिए कम से कम एक सेशन जरूर रखा जाए। इस दौरान सचिव डा. पंकज कुमार पांडेय, सचिव एसए मुरूगेशन एवं अपर सचिव वन नेहा वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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