बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस केआर श्रीराम ने चारधाम यात्रा और उसकी व्यवस्थाओं को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने उत्तराखंड के हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को इस बारे में एक पत्र लिखा है।
बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस हाल ही में अपने परिवार के साथ चारधाम यात्रा पर गए थे। चारधाम यात्रा के दौरान उनका अनुभव कैसा रहा, इस बात का जिक्र उन्होंने उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को लिखे पत्र में किया है। अपने पत्र में उन्होंने देवभूमि की खूबसूरती का जिक्र किया। पत्र में उन्होंने चारधाम यात्र की व्यवस्थाओं को लेकर शिकायत भी की है। उन्होंने पत्र में लिखा, “उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा का खूब प्रचार कर रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर जा रहे हैं, बावजूद इसके यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।”
बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का दर्द देखा और समझा। पैदल यात्रा के दौरान खाने, पीने, ठहरने और मेडिकल सुविधाओं का उन्हें अभाव दिखा, जिसका जिक्र उन्होंने किया है। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुयों की परेशानियों को देखते हुए उन्होंने उत्तराखंड के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा। बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस के पत्र को उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने एक याचिका के तौर पर स्वीकार करते हुए सरकार से इस बारे में 4 हफ्ते के भीतर जवाब पेश करने के लिए कहा है।
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