केदारनाथ धाम में इंटरप्रिटेशन सेंटर की स्थापना करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके लिए खास तैयारी की जा रही है।
उम्मीद है कि अगले साल तक योजना पर काम पूरा हो जाएगा। प्रोजोक्ट के पूरा होने के बाद केदारनाथ में धर्म, आस्था और भक्ति के साथ ही देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को वन्य जीव व वनस्पतियों की जानकारी मिल सकेगी। धाम आने वाले श्रद्धालुओं को बताया जाएगा कि यहां पर कौन-कौन से जीव-जंतु पाए जाते हैं।
समुद्र तल से 11750 फीट की ऊंचाई पर भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक केदारनाथ धाम में उच्च हिमालय में मिलने वाले दुर्लभ जीवों और वनस्पतियों की स्थली भी है। जहां राज्य पुष्प ब्रह्मकमल, फेन कमल और अन्य दुर्लभ फूल पाए जाते हैं। इसके साथ ही वन्यजीवों में हिम तेंदुआ, सफेद भालू, हिमालयन लोमड़ी समेत दूसरे दुलर्भ जीव भी यहां पाए जाते हैं। जो कभी-कभार ही नजर आते हैं। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर के मुताबिक, केदारनाथ धाम में नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर की स्थापना की योजना बनाई जा रही है।
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