समाजवादी नेता मदन लाल साह का 80 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने कचहरी बाजार स्थित अपने पैतृक घर में आखिरी सांस ली।
वो करीब चार महीने से वो बीमार थे। मदन लाल के निधन पर सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। वकील रह चुके मदन लाल साह की शुरुआती पढ़ाई बागेश्वर से की। इसके बाद ग्रेजुएशन एसएसजे परिसर अल्मोड़ा से किया। इसके बाद 1957 में यूपी के उन्नाव में नौकरी की। वो को-आपरेटिव इंसपेक्टर के पद पर रहे। नौकरी छोड़ने के बाद 1960 में लॉ की डिग्री ली। इसी दौरान वह डॉ. राम मनोहर लोहिया से प्रेरित होकर समाजवादी पार्टी से जुड़ गए।
मदन लाल शाह ने 1961 में अंग्रेजी हटाओ सत्याग्रह में हिस्सा लिया और 21 दिन जेल में भी रहे। पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री स्व. सोबन सिंह जीना की सिफारिश पर जिला परिषद सदस्य बने। इसके बाद अधिवक्ता मदनलाल ने अल्मोड़ा में बच्चों के सर्वागीण विकास को ट्रस्ट चलाया।
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