उत्तराखंड: गोविंदघाट में बादल फटने से भारी तबाही, बदरीनाथ हाईवे 30 मीटर बहा, दर्जनों वाहन मलबे में दबे

उत्तराखंड के गोविंदघाट के बरसाती नाले में बादल फटने से भारी तबाही मची है। बादल फटने के बाद इस इलाके में चारों तरफ तबाही का मंजर है।

बादल फटने से बदरीनाथ हाईवे करीब 30 मीटर बह गया है। वहीं मलबे में करीब 40 वाहनों के दबने होने की खबर है। राहत की बात ये है कि जनहानी कोई नहीं हुई है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया है। बदरीनाथ हाईवे को ठीक करना सबसे बड़ी चुनौती है।

बादल फटने के बाद प्रशासनिक टीम राहत और बचाव के काम में जुटी हुई है। बदल फटने के बाद मलबा गोविंदघाट गुरुद्वारे के पीछे से होते हुए अलकनंदा में जा पहुंचा। इस दौरान यहां पार्किंग में खड़े करीब 40 वाहन मलबे में दब गए। यही नहीं जिला पंचायत की 4 दुकानें और गोविंद पंवार का रेस्टोरेंट भी पूरी तरह से तबाह हो गया है। कुबेर पार्किंग, हेमकुंड पार्किंग, न्यू कुबेर पार्किंग और बबलू पार्किंग भी मलबे में दब गई। बताया जा रहा है कि सुविधा गेस्ट हाउस के 8 कमरे, बबलू रेस्टोरेंट और एक जनरेटर भी अलकनंदा में बह गया है। गुड्डू सनवाल के होटल का एक कमरे में मलबे घुसने के साथ ही घोड़ा पड़ाव भी पूरी तरह से तबाह हो गया है।

बादल फटने के बाद गोविंदघाट में संचार, पेयजल और विद्युत सप्लाई ठप हो गई है। संचार सेवा ठप होने बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर पहुंचे तीर्थयात्रियों को अपने परिजनों से संपर्क करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि गुरुद्वारे को कोई नुकसान नहीं हुआ है। तीर्थयात्रियों को गुरुद्वारे में ठहराया गया है। हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर स्थित पुलना गांव में भी भारी बारिश से दो आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पुलना गांव के गिरीश चौहान और गोविंद सिंह चौहान के आवासीय मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। साथ ही गोविंदघाट-पुलना मोटर मार्ग पर कई जगहों पर पुश्ते क्षतिग्रस्त होने से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है।

इलाके में तबाही के बाद चमोली जिला प्रशासन ने बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा रोक दी है। 1200 तीर्थयात्रियों को अलग-अलग जगह पर रोका गया है। करीब 400 तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ धाम में ही रोका गया है। जबकि करीब 700 तीर्थयात्रियों को जोशीमठ, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में रोका गया है। हेमकुंड यात्रा के लिए जा रहे अलीगढ़ के 100 तीर्थयात्रियों के जत्थे को श्रीनगर में ही रोक लिया गया। 

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