आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि सरकार उन्हें मौका दे तो वह जाखन नदी के टूटे पुल की जगह वैकल्पिक तौर पर बैली ब्रिज 48 घंटे में तैयार कर देंगे, जिससे फिलहाल जनता को काफी राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि, 27 अगस्त को ये पुल क्षतिग्रस्त हो गया था जिसका कारण अवैध खनन बताया जा रहा है ,लेकिन अभी तक यहां से आवाजाही के लिए सरकार कोई भी बंदोबस्त नहीं कर पाई है। महज जांच और जल्द से जल्द वैकल्पिक मार्ग की बात कहकर समय की बरबादी की जा रही जबकि हजारों लोग रोजाना इस रास्ते के बंद होने के चलते परेशान हो रहे ।
लोगों की परेशानी और कई लोगों के कर्नल कोठियाल से बात करने के बाद कर्नल कोठियाल ने कहा, कई लोग उन्हें कह चुके हैं कि, वो इस पुल को बनाने के लिए आगे आएं। जिसके बाद कर्नल कोठियाल ने मुख्यमंत्री से ये मांग की इसकी जिम्मेदारी अगर वो उनको देते हैं तो वो 48 घंटे में पुल बनाकर यातायात को पुराने तरीके से सुचारू करवा देंगे। कर्नल कोठियाल ने कहा,11 हजार फीट जैसी केदारनाथ की उंचाई पर हमने 2014 में केदारनाथ की डोली ले जाने के लिए 30 मीटर का वैली बृज 48 घंटों में तैयार किया था। ऐसी जरूरत यहां पर आज जनता की दिक्कतों को देखकर लग रही यहां भी जल्द से जल्द वैली ब्रिज की जरूरत है।
कर्नल कोठियाल ने कहा, किसी भी पुल की मियाद 100 साल होती है, लेकिन ये पुल पहले ही टूट गया,ये प्रशासन और जिम्मेदार विभाग का काम है कि, वो ऐसे निर्मित तमाम पुलों की देखरेख करे ,लेकिन यहां पर लापरवाही बरती गई ,जबकि शासन ने इस पुल पर 40 लाख रुपये मरम्मत के नाम पर दिसंबर 2020 में खर्च किए। उन्होंने आगे कहा कि नदियों में अवैध खनन धडल्ले से किया जाता है जो ऐसे हादसों को दावत देता है और यही वजह है कि इस पुल के टूट जाने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है।
केदारनाथ के कामों को देखते हुए जनता को उनसे काफी उम्मीदें हैं इसलिए वो सरकार को सुझाव देना चाहते हैं कि ये पुल आखिर कैसे जल्द से जल्द बनेगा इसके लिए वो राय देने के साथ इसको बनाने के लिए तैयार हैं अगर सरकार उनको इजाजत दें तो वो इस पुल को 48 घंटे में बना देंगे। उन्होंने इसके साथ कहा , वो जनता की समस्याओं को देखते हुए दलगत राजनीति से हटकर इस पुल को बनाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उनकी टीम केदारनाथ जैसी विपरीत परिस्थितियों में ऐसे कई निर्माण कार्य कर चुकी है जिससे शासन प्रशासन पूरी तरह वाकिफ है और अगर दोबारा उन्हें ऐसे जनहित का मौका मिलता है तो, वो अपनी पूरी टीम के साथ इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
उन्होंने आगे कहा कि, जब तक पानी का बहाव बंद नहीं हो जाता तब तक वो वैली बृज बनाकर यहां से आवाजाही शुरु करवा सकते हैं ,और पानी पूरी तरह बंद होने के बाद सरकार अपने मुताबिक इस पुल का निर्माण करा सकती है। हम अपने तर्जुबे से इस पुल का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा कि आज समाज में रह रहे लोगों को हौसला देने की जरुरत है ,इसलिए राजनीति से अलग होकर वो इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए तैयार हैं।
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