कोरोना लॉकडाउन में अपने गांव लौटे प्रवासियों के लिए रोजगार पाना सबसे बड़ी चुनौती है। सरकार प्रवासी युवाओं को रोजगार दिलाने की कोशिश में जुटी हुई है।
युवाओं को रोजगार मिल सके इसके लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। युवाओं को स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। गांव लौटे ऐसे कई युवा हैं, जिन्होंने स्वरोजगार शुरू किया है। खुद कमाने के साथ दूसरों को भी रोजागर दे रहे हैं। ऐसे ही एक युवा हैं अल्मोड़ा जगेश्वर मार्ग के तोली गांव के रहने वाले सुमित पांडे, जिन्होंने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए जागनाथ फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट लगाई, जो आज सैकड़ों लोगों को रोजगार दे रहा है। कोरोना महामारी के दौरान अपने गांव लौटे युवाओं को भी इसके द्वारा रोजगार मिल रहा है।
यहां पर फलो और जंगली फूल बुरास से उत्पादों को बनाया जाता है, जिसमे जूस, स्क्वैच, अचार, जैम और मुरब्बा तैयार किया जाता है। इससे युवा अपनी अच्छी खासी आय अर्जित कर रहे हैं। यूनिट संचालक का कहना कि युवाओं द्वारा इसके लिए सामग्री दी जाती है और वो उनका मूल्य देकर खरीदते हैं, जिसमें आज हजारों ग्रामीणों के साथ कोविड -19 के चलते गांव आए लोगों को भी रोजगार दिया जा रहा है।
(अल्मोड़ा से हरीश भंडारी की रिपोर्ट)
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