चमोली में आई आपदा को 25 दिन हो गए हैं। आज भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
आपदा में हुई बर्बादी के बाद जिंदगी अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। इसमें BRO ने बड़ा योगाद दिया है। BRO ने आपदा के दौरान बहे पुल को दस दिन में तैयार कर दिया है। ऋषिगंगा नदी के ऊपर बना पुल पिछले महीने आई आपदा की भेंट चढ़ गया था। इस पुल के बहने से घाटी के कई गांव अलग-थलग पड़ गए थे। जो लोग रोजी-रोटी के लिए जोशीमठ जैसे क्षेत्रों पर निर्भर थे, वो भी गांव से बाहर नहीं जा पा रहे थे। लोगों की परेशानी को समझते हुए BRO के जवान दिन-रात पुल निर्माण के काम में जुटे रहे और दस दिन के भीतर नया पुल बनाकर तैयार कर दिया।
इस पुल के बनने से आपदा के बाद मुख्यधारा से कट गए चमोली जिले के 13 गांव एक बार फिर आपस में जुड़ जाएंगे। सीमा सड़क संगठन ने इस पुल को ऋषिगंगा नदी के ऊपर बनाया है। आज इस पुल को आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। BRO की शिवालिक परियोजना के चीफ इंजीनियर ए. एस राठौर ने बताया कि इस बेली ब्रिज को बनाने की समय सीमा 20 मार्च तय थी, लेकिन BRO ने पुल को 15 दिन पहले ही बना दिया। 40 टन भार क्षमता वाले इस बेली ब्रिज की लंबाई 190 मीटर है। बेली ब्रिज का निर्माण कार्य 25 फरवरी को शुरू किया गया था। जिसे पूरा करने में 250 मजदूर और बीआरओ के 25 इंजीनियर दिन-रात जुटे हुए थे। इन सबकी मेहनत के चलते ऋषिगंगा घाटी में रहने वाले लोगों की जिंदगी आसान होने जा रही है।
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रेवतीपुर पश्चिमी में…
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील में वकीलों के साथ कथित उत्पीड़न और…
गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील के ग्राम सभा सेवराई में प्रस्तावित सरकारी अंग्रेजी शराब की…
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में रविवार, 12 अप्रैल 2026 को…
उत्तर प्रदेश के सेवराई तहसील के गहमर थाना क्षेत्र के भदौरा स्थित एक पेट्रोल पंप…
उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर में पूर्वांचल में होम्योपैथी के क्षेत्र का अब तक का सबसे…
This website uses cookies.