कोरोना वायरस जहां लोगों की जान ले रहा है, वहीं इसकी वजह से उत्तराखंड में लागू लॉकडाउन से मुश्किलें और बढ़ गई हैं। लॉकडाउन का हर वर्ग पर बुरा असर पड़ा है।
कोरोना वायरस ने जहां पूरे देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ कर रख दी। वहीं, स्व रोजगार से जुड़े लोगों के सामने दो जून की रोटी कमाने का संकट गहरा गया है। जहां हर व्यवसाय आज संकट से जूझ रहा है, वहीं टैक्सी संचालकों पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। अल्मोड़ा में 4000 टैक्सी संचालक अपनी रोजी-रोटी के लिए खासा परेसान हैं। पिछले 40 दिन से चल रहे लॉकडाउन की वजह से उनकी टैक्सी के पहिए जाम है, जिससे उनकी रोजी-रोटी का संकट गहराता जा रहा है। वहीं, बैंक से लिए गए लोन की टैक्सी चालत ईएएमआई नहीं भर पा रहे है, जिससे उनके ऊपर दोहरा दबाव आ गया है।
अल्मोड़ा के टैक्सी संचासलकों का कहना है कि उनके सामने आथिर्क संकट गहराता जा रहा है। टैक्सी संचालकों ने सरकार से मांग की है कि सरकार उनको टैक्स में रियात दे, ताकि उनको इस महामारी में राहत मिल सके। उनका कहना कि जिस तरह से सरकार दूसरे वर्ग का ध्यान रख रही है, इस मुश्किल घ़ड़ी में उनका भी ध्यान रखे।
(अल्मोड़ा से हरीश भंडारी की रिपोर्ट)
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