प्रदेश में चारधाम यात्रा पर नैनीताल हाईकोर्ट के रोक लगाने के फैसले के बाद प्रदेश सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है।
सरकार ने सबसे बड़ी अदालत में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने दावा किया है कि यात्रा के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल फॉलो कराने को लेकर उसने पुख्ता इंतजाम किया है। साथ ही सरकार के शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा कि ये चारधाम यात्रा प्रदेश के लिए बहुत जरूरी है। बता दें कि उत्तराखंड हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा पर 7 जुलाई तक रोक लगा दी थी। उस दिन मामले पर फिर सुनवाई होनी है। हाईकोर्ट ने सरकार को 7 जुलाई को दोबारा से शपथपत्र दाखिल करने को कहा है।
सरकार ने मंगलवार को चारधाम यात्रा पर ये कहते हुए रोक लगा दी थी कि वो कोर्ट के आदेश को मानते हुए ऐसा कर रही है। इससे पहले सोमवार को ही राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा को लेकर कोविड गाइडलाइंस जारी की थीं। साथ ही कहा था कि 1 जुलाई से यात्रा शुरू होगी।
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
उत्तराखंड के जिला सहकारी बैंक से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बैंक…
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय रेवतीपुर पश्चिमी में…
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील में वकीलों के साथ कथित उत्पीड़न और…
गाजीपुर जिले के सेवराई तहसील के ग्राम सभा सेवराई में प्रस्तावित सरकारी अंग्रेजी शराब की…
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में रविवार, 12 अप्रैल 2026 को…
This website uses cookies.