कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देशभर में 40 दिनों का सरकार ने लॉकडाउन लगा रखा है। लॉकडाउन की वजह से देश की अर्थव्यवस्था पर काफी असर पड़ रहा है।
सभी वर्ग के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को उठानी पड़ रही है। उन पर लॉकडाउन की दोहरी मार पड़ी है। ये फसल की कटाई का वक्त है, लेकिन लॉकडाउन की वजह से मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं, जिसकी वजह से फसल की कटाई नहीं हो पा रही है। वहीं दूसरी तरफ लॉकडाउन के दौरान बेमौसम बारिश ने भी किसानों की फसल को काफी बर्बाद कर दिया है। अनुमान के मुताबिक 10 से 15 फीसदी तक फसल खराब हो गई है।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा में किसान अभी तक रबी की फसल की कटाई नहीं कर पाए हैं। दूसरी फसल की बुवाई में भी देरी हो रही है। आपको बता दें कि पहाड़ों में धान मडुवा झुनगरा समेत कई फसलों को मार्च के महीने में बोया जाता है, लेकिन लॉकडाउन की वजह से मार्च की जगह अप्रैल खत्म होने वाला है और अब तक बुवाई नहीं हो पाई है। बता दें कि पहाड़ों की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि ज्यादातर किसानों के खेत उनके घरों से काफी दूर हैं। लॉकडाउन में सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक काम करने की इजाजत है, लेकिन 6 घंटे में एक से दो घंटे तो किसानों को खेतों में आने-जाने में चले जाते हैं, बचे चार घंटे ही वो खेतों काम कर पा रहे हैं।
(अल्मोड़ा से हरीश भंडारी की रिपोर्ट)
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