पुलिस के शक्तिमान घोड़े मामले के आरोपी मंत्री गणेश जोशी के साथ अन्य 4 आरोपितों को न्यायालय द्वारा दोष मुक्त किया गया।
दरअसल , साल 2016 में बजट सत्र के दौरान भाजपा ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ विधानसभा तक रैली निकाली थी। इस दौरान पुलिस व भाजपा समर्थकों के बीच झड़प भी हुई थी। जिसमे आरोप था कि इस दौरान भाजपा विधायक गणेश जोशी ने पुलिस की लाठी छीनकर उन्हीं पर लाठी बरसाना शुरू कर दिया। लाठी की कुछ चोटें पुलिस के घोड़े शक्तिमान को भी आईं थी, जिसमे शक्तिमान घोड़े की टांग भी टूट गयी थी, और कुछ दिनों बाद घायल हुये शक्तिमान घोड़े की मौत हो गई थी ।
इस सिलसिले में पुलिस ने जोशी और अन्य 4 को आरोपित बनाते हुए सभी के खिलाफ बलवे और मारपीट के अलावा पशु क्रूरता अधिनियम का मामला दर्ज कराया किया गया । जिसमे गुरुवार को देहरादून के मुख्य न्यायाधीश लक्ष्मण सिंह की कोर्ट ने गवाहों के बयानों और साक्ष्यो की कमी के चलते मामले से सभी आरोपितों को दोषमुक्त किया है।
मामले में सुनवाई में दोष मुक्त होने के बाद कैविनेट मंत्री गणेश जोशी ने भावुक होते न्यायालय का धन्यवाद कर कहा कि में पहले से कह रहा था कि में निर्दोष हूँ, मेरे खिलाफ केवल राजनैतिक षड्यंत्र रचा गया था । लेकिन आज सत्य की जीत हुई है।
वहीं मामले में गणेश जोशी के अधिवक्ता मनमोहन कंडवाल का कहना है कि कोर्ट में पुलिस द्वारा दिये गए साक्ष्यों की कमी के और गवाहों के विरोधाभासी बयानों के चलते कोर्ट ने ये निर्णय दिया है और कैविनेट मंत्री गणेश जोशी को दोष मुक्त किया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच उत्तराखंड में भी प्रश्नपत्र लीक का…
केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को…
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन…
उत्तराखंड के चमोली विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार देते हुए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह…
उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में दान के प्रबंधन को लेकर सामने…
दिल्ली में झुग्गी बस्तियों को हटाकर लोगों को पुनर्वास स्थलों पर भेजने की प्रक्रिया पर…
This website uses cookies.