उत्तराखंडः राज्यपाल बेबी रानी मौर्य और CM पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

साथ ही सभी प्रदेशवासियों से कोरोना संक्रमण के मद्देनजर इसकी रोकथाम के लिए जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए जन्माष्टमी का पर्व मनाने की अपील की है। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने अपने संदेश में कहा कि जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में व्याप्त प्रसन्नता का प्रतीक है। श्रीकृष्ण ने अपने जीवन में कर्म की प्रधानता को सर्वोपरि बताया। श्रीमद भागवत गीता के माध्यम से उनके द्वारा दिए गए संदेश मानव जीवन में आत्मसात करने से कर्म के क्षेत्र की सभी बाधाओं के समाधान मिलते हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मनुष्य को निष्काम कर्म के लिए सदैव समर्पित रहने, दीन-दुखियों एवं समाज के उपेक्षित वर्ग के कल्याण का संदेश दिया। उनका जीवन संपूर्ण मानव जाति के लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मनुष्य को निष्काम कर्म के लिए सदैव समर्पित रहने, दीन-दुखियों एवं समाज के उपेक्षित वर्ग के कल्याण का संदेश दिया है। उनका जीवन सम्पूर्ण मानव जाति के लिए प्रेरणादायी है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण द्वारा श्रीमदभगवद् गीता में दिये गये दिव्य संदेश में मानव जाति का कल्याण निहित है, यह पावन पर्व हमें भगवान श्री कृष्ण की शिक्षाओं का स्मरण करने और सार्वभौमिक भाईचारे और शांति की भावना को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करता है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी से कोरोना के दृष्टिगत आवश्यक सावधानियां बरतते हुए ‘श्रीकृष्ण जन्माष्टमी’ का त्यौहार मनाने की भी अपील की है।

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन अधर्म, अन्याय एवं अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में भक्ति, ज्ञान, योग व कर्म का जो संदेश दिया है, वह आज भी प्रासंगिक है। प्रदेशभर में भगवान श्री कृष्ण का जन्मदिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कन्हैया के स्वागत को द्रोणनगरी तैयार है। मंदिरों को रंगीन लाइट और फूल मालाओं से सजाया गया है। बीते वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते शहर में कोई आयोजन नहीं हो सका था। लेकिन इस साल सीमित संख्या और कोरोना गाइडलाइन के साथ शहर में कई कार्यक्रम होने जा रहे हैं। पर्व को मनाने को लेकर उत्साहित हैं।

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