कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में सबसे ज्यादा नुकासान देश में मरीजों की मौत के बाद अर्थव्यवस्था का हुआ है। उद्योग-धंधे पिछले करीब तीन महीने से बंद हैं।
जिसकी वजह से बड़ी तादाद में लोगों की नौकरियां गई हैं और प्रवासी घरों को लौट आए हैं। हालांकि राहत की बात ये है कि अब UNLOCK-1 में पटरी से उतर चुकी अर्थव्यवस्था दोबारा ट्रैक पर आ रही है। कुछ पाबंदियों के साथ लोगों ने काम शुरू कर दिया है। सरकार भी अब इस तरफ कदम बढ़ाते हुए श्रमिकों को रोजगार देने जा रही है। पंचायतों में मजदूरों को 500 करोड़ रुपये की लागत से रोजगार दिया जाएगा। दरअसल 7791 ग्राम पंचायतें अब अपने पंचायत भवन, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र आदि सुधार सकेंगी और नए पंचायत भवन भी बना सकेंगी। इस काम में इन्हें 50 फीसदी पैसा मनरेगा के तहत खर्च करना होगा।
आपको बता दें कि कोविड-19 के तहत ग्राम स्तर पर रोजगार बढ़ाने के लिए केंद्रीय पंचायत और ग्राम विकास मंत्रालय ने संयुक्त रूप से इस संदर्भ में आदेश जारी किया है। प्रदेश में पंचायतों को इस काम के लिए करीब 515 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड मिला है। इसके साथ ही पंचायतों से यह भी कहा गया है कि वे ग्राम पंचायत क्षेत्र में दूसरे भवनों की मरम्मत वगैरह के लिए भी इस पैसे का इस्तेमाल कर सकती हैं।
पंचायत विभाग के मुताबिक अभी गांवों में ज्यादातर क्वारंटीन सेंटर स्कूलों में बनाए गए हैं। लेकिन अब जुलाई आ रही है ऐसे में अगर सकूल खोलने का फैसला किया गया तो क्वारंटीन सेंटर्स को दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ेगा। जिसके लिए ये जरूरी है कि दूसरे सरकारी भवनों को क्वारंटीन सेंटरस के तौर पर विकसित किया जाए।
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