हरिद्वार में अनपढ़ महिलाएं को साक्षर बनाने के लिए एक पहल करने जा रहा है।
इसके तहत जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग जल्द ही स्वयंसेवी निरक्षर महिलाओं की संख्या पता करने के लिए सर्वे शुरू करेगा। नीति आयोग के सहयोग से ‘साक्षर महिला, उन्नत हरिद्वार’ अभियान के तहत जिले की 15 साल से ऊपर की लड़कियों, महिलाओं को अक्षर ज्ञान कराया जाएगा, ताकि वो अपनी जरूरत के मुताबिक लिखाई-पढ़ाई कर सकें। लिखना आने पर वह किसी भी दस्तावेज पर अंगूठा लगाने के बजाए हस्ताक्षर कर सकें।
इन महिलाओं को साक्षर करने के लिए जिले के सभी ब्लॉकों रुड़की, नारसन, बहादराबाद, भगवानपुर, लक्सर और खानपुर में स्वयंसेवी संस्थाओं की 300 स्वयंसेवी महिलाओं को पहले इनका सर्वे करने के लिए ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इसमें स्वयंसेवियों को सर्वे का प्रपत्र भरने की जानकारी दे दी गई है। अगले हफ्ते से ये स्वयंसेवी अपने-अपने गांव में निरक्षर महिलाओं की जानकारी जुटाने के लिए सर्वे शुरू कर देंगी। इसके बाद फरवरी में स्वयंसेवियों को साक्षर करने का ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद निरक्षर महिलाओं को साक्षर किट देकर पढ़ाना शुरू कर दिया जाएगा। तीन महीने के साक्षर कार्यक्रम के बाद मूल्यांकन करने के लिए महिलाओं को साक्षर होने का प्रमाणपत्र भी शिक्षा विभाग देगा।
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