फोटो: सोशल मीडिया
केदारनाथ में साल 2013 में कुदरत ने भारी तबाही मचाई थी। बाढ़ ने सब कुछ तबाह करके रख दिया था। उसके बाद से ही वहां लगातार जिंदगी को पटरी पर लाने का काम चल रहा है। केदारनाथ को दोबारा बसाया जा रहा है।
ज्यादातर काम पूरा भी हो चुका है। तबाही की वजह से अचानाक से श्रद्धालुओं की तादाद जो कमी आई थी। वो पिछले कुछ सालों में बढ़ी, लेकिन इस साल कोरोना महामारी की वजह से एक बार फिर सब कुछ चौपट हो गया। केदारनाथ धाम के कपाट बीते 29 अप्रैल को खोल दिए गए थे। तब से अब तक तीर्थयात्रियों के केदारनाथ दर्शन के लिए आने वाले लोगों की तादाद काफी कम है। स्थानीय प्रशासन ने तीर्थयात्रियों के लिए केदारनाथ में हेली सेवा की प्रक्रिया को भी वक्त पर पूरा कर दिया था। बावजूद इसके यात्रियों के बिना और लॉकडाउन के चलते अबतक हेली सेवा का संचालन नहीं हो पाया है।
हालांकि अब अच्छी खबर ये है कि केदारनाथ दर्शन करने आने वाले लोगों के लिए अगले महीने से हेली सेवा की शुरुआत हो सकती है। आपको बता दें कि उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने मार्च में ही सिरसी, फाटा और गुप्तकाशी से हेली सेवा के लिए प्रक्रिया पूरी कर दी थी। मगर यात्रियों के अभाव के कारण हेली सेवा का संचालन उस समय शुरू नहीं हो पाया था। अब यात्रियों की तादाद बढ़ने पर हेली सेवा की शुरुआत अगने महीने से होने जा रही है। गौरतलब है कि सरकार ने 1 जुलाई से चार धाम की यात्रा शुरू करवा दी थी और 25 जुलाई से प्रदेश के बाहर के यात्रियों को भी को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट के साथ केदारनाथ धाम में आने की अनुमति दे दी थी।
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