फोटो: सोशल मीडिया
उत्तराखंड में चर्चित छात्रवृत्ति घोटाले की जांच अंतिम चरण में रही है। अभी तक करीब 120 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
दस्तवेजों को सत्यापित करने वाले 25 अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न कोर्ट में चार्जशीट जल्द दाखिल की जा सकती है। एसआईटी ने पूरे प्रकरण में 83 मुकदमे दर्ज किए हैं। बता दें कि वर्ष 2018 से मामले की जांच करते हुए एसआईटी ने 51 मुकदमे हरिद्वार और 32 देहरादून में दर्ज किए थे। इनमे अब तक सरकारी अधिकारियों समेत कुल 53 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसआईटी के मुताबिक इनमें 135 शिक्षण संस्थान और उनके मालिक आरोपी हैं। कुल 83 मुकदमों में से 77 में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इनमें करीब 120 शिक्षण संस्थान और उनके मालिक शामिल हैं।
एसआईटी के अधिकारियों के मुताबिक उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, हरियाणा आदि राज्यों के 22 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ 38 हरिद्वार और 25 मुकदमे देहरादून में दर्ज हैं। इनमें 25 अधिकारी ऐसे हैं जिनके खिलाफ विवेचना अंतिम दौर में है। जल्द ही इनके खिलाफ भी देहरादून और हरिद्वार की कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। विवेचना के मामले में अब केवल पांच मुकदमे ही लंबित चल रहे हैं।
घोटाले में जिन अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है उन सभी की मिलीभगत के एसआईटी को साक्ष्य मिले हैं। ये वह अधिकारी हैं जिन्होंने शिक्षण संस्थानों से आने वाले दस्तावेजों को सत्यापित किया था। जबकि, संस्थानों में ज्यादातर बच्चे कभी पढ़ने ही नहीं गए थे। बावजूद इसके इनकी रिपोर्ट के आधार पर शिक्षण संस्थानों को बच्चों के नाम पर मोटी रकम ट्रांसफर कर दी गई।
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